सरहुल पर्व राष्ट्रीय कैलेंडर में शामिल हो और एक दिन रहे राष्ट्रीय अवकाश

सरहुल की शोभायात्रा में शामिल हुए सांसद सुखदेव भगत व मंत्री चमरा लिंडा, बोले

By Prabhat Khabar News Desk | April 1, 2025 9:41 PM

गुमला. लोहरदगा सांसद सुखदेव भगत व झारखंड राज्य के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा गुमला में निकाले गये सरहुल शोभायात्रा में शामिल हुए. दोनों अतिथि सरना स्थल पर पहुंच विधि-विधान से पूजा की. इस दौरान प्रभात खबर से बात करते हुए सांसद व मंत्री ने एक बार फिर सरहुल पर्व पर गुमला में एक बड़ा मुद्दा उठाया है. उन्होंने सरहुल पर्व को राष्ट्रीय कैलेंडर में शामिल करने सरहुल पर्व पर एक दिन की राष्ट्रीय अवकाश की घोषणा करने की मांग की है.

आदिवासी समाज आदि काल से प्रकृति पूजक : सांसद

सांसद सुखदेव भगत ने कहा है कि रथयात्रा, रामनवमी व सरहुल भारत की तीन सबसे बड़ी शोभायात्रा है. परंतु सरहुल पर्व पर निकाली जाने वाली शोभायात्रा को सरकारी कैलेंडर में शामिल नहीं किया गया है. झारखंड ही नहीं पूरे भारत देश के लिए यह दुर्भाग्य की बात है. पूरे देश में आदिवासी समाज के किसी भी पर्व का कैलेंडर में जगह नहीं देना चिंता की बात है. केंद्र सरकार से हमें उम्मीद है कि सरहुल पर्व में एक दिन राष्ट्रीय छुट्टी की घोषणा हो. हमारे पहान पुजार धरती, सूर्य व प्रकृति की पूजा करते हैं. बारिश समेत भविष्य की कई महत्वपूर्ण जानकारी देते हैं. मैंने सदन में मांग रखी है कि सरहुल पर्व को कैलेंडर में शामिल किया जाये. पूरे भारत में सरहुल पर्व पर एक दिन की छुट्टी की घोषणा होनी चाहिए. श्री भगत ने कहा कि सरहुल सूर्य व पृथ्वी के संरक्षण का ही पर्व नहीं है. बल्कि प्रकृति के महत्व का भी पर्व है. हम प्रकृति से संबंध स्थापित कर अपने गांव घर, राज्य व देश का विकास कर सकते हैं. आदि काल से ही आदिवासी समाज प्रकृति के महत्व को समझा है. आज के परिवेश में सरहुल का महत्व इसलिए बढ़ जाता है कि हम प्रकृति का विनाश नहीं, इसे बचाने का प्रयास करें.

सरना कोड होगा, तो एक दिन छुट्टी भी होगी : चमरा

झारखंड के कल्याण मंत्री चमरा लिंडा ने कहा है कि झारखंड राज्य ही नहीं पूरे भारत के आदिवासी समाज को सरहुल पर्व की ढेर सारी शुभकामना. यह पर्व पृथ्वी, सूर्य व प्रकृति से जुड़ा है. हम ग्लोबल वार्मिंग से परेशान हैं, आपदाएं आ रही हैं, जिससे लोगों को क्षति पहुंच रही है. आपदा से न मनुष्य व जीव जंतुओं की मौत हो रही है, बल्कि जो कुछ पेड़-पौधे हैं, वे भी नष्ट हो रहे हैं. इसलिए हम सभी लोगों से अपील करेंगे कि प्रकृति के संतुलन को बचाना है. इसके लिए जरूरी है कि हम पेड़-पौधे लगायें. पेड़-पौधे लगायेंगे, तभी हम प्रकृति व धरती को बचा सकते हैं. पूरा देश ग्लोबल वार्मिंग की समस्या से जूझ रहा है. सरहुल पर्व जीव-जंतु से भी जुड़ा हुआ है. उन्होंने कहा है कि मैं झारखंड सरकार को बधाई देना चाहता हूं कि सरहुल पर्व पर दो दिन की छुट्टी दी गयी है. परंतु आने वाले समय में सरहुल पर्व पर पूरे भारत देश में एक दिन अवकाश की घोषणा होगी. आदिवासियों को सरना कोड मिलेगा, तो निश्चित रूप से सरहुल में एक दिन छुट्टी मिलेगी. उन्होंने कहा है कि आज सरहुल पर्व पर हम सभी को संकल्प लेना चाहिए की कम से कम एक पौधे हर महीना जरूर लगायेंगे.

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