गुमला. गुमला के घाघरा प्रखंड स्थित गोया और हलमाटी गांव के बीच स्थित एक्वाडेथ पुलिया पिछले दो वर्षों से पूरी तरह टूटकर जर्जर अवस्था में पड़ी है. पुलिया टूटने के कारण मसरिया डैम से निकलने वाला पानी करीब 15 गांवों के सैकड़ों किसानों के खेतों तक नहीं पहुंच पा रहा है. इससे किसानों की सिंचाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है और खेती-किसानी पर संकट गहरा गया है. बताया जाता है कि यह पुलिया मसरिया जलाशय योजना की बायीं मुख्य नहर के सीएच टू फाइनस टू प्वाइंट 160 किलोमीटर पर जल पथ अंचल संख्या-2, चैनपुर, गुमला द्वारा निर्मित करायी गयी थी.
करीब 30 वर्ष पूर्व बनी इस पुलिया की बीच-बीच में मरम्मत के नाम पर खानापूर्ति होती रही. लेकिन पिछले दो वर्षों से पुलिया पूरी तरह टूट चुकी है, जिसका खामियाजा किसानों को भुगतना पड़ रहा है. पुलिया से होकर मसरिया डैम का पानी गोया, गोमट, अम्बा टोली, तारा गुटु, जरगा टोली, गुनिया, बरवा टोली, महुआ टोली समेत करीब 15 गांवों के खेतों तक पहुंचता था. सिंचाई की सुविधा उपलब्ध होने से इन गांवों में किसान बेहतर खेती कर पाते थे.
पुलिया टूटने के बाद खेतों तक पानी पहुंचना बंद हो गया है. किसानों का कहना है कि पुलिया के साथ उनकी दो वर्षों की मेहनत और बेहतर फसल की उम्मीदें भी टूट गयी हैं. ग्रामीणों की समस्या सुनने के बाद उपायुक्त ने जल्द से जल्द पुलिया को दुरुस्त कराने के साथ ही जरूरत पड़ने पर वैकल्पिक व्यवस्था करने का आश्वासन दिया.
उन्होंने कहा कि किसी भी सूरत में किसानों की खेती और सिंचाई व्यवस्था बाधित नहीं होने दी जायेगी. उपायुक्त ने संबंधित विभाग के अधिकारियों और टीम के साथ गांव पहुंचकर स्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लेने की बात भी कही.
ग्रामीण एतवा उरांव, रमजान खान, गयाम उरांव, श्याम उरांव, इदरीस खान, त्रिपा उरांव समेत अन्य लोगों ने कहा कि दो वर्षों से वे परेशानी झेल रहे हैं. अब उपायुक्त के आश्वासन के बाद उन्हें उम्मीद है कि जल्द ही पुलिया का निर्माण अथवा वैकल्पिक सिंचाई व्यवस्था उपलब्ध करायी जायेगी.
