जीवन में नया बदलाव लाये और नयी शुरूआत करें : फादर जेफ्रियानुस

गुमला जिले के ख्रीस्त विश्वासियों ने शांति, न्याय, प्रेम और धार्मिकता के राजकुमार येसु ख्रीस्त का जन्मोत्सव पर्व क्रिसमस गुरुवार को हर्षोल्लास से मनाया

: ख्रीस्त विश्वासियों ने हर्षोल्लास से मनाया क्रिसमस. : प्रात:कालीन मिस्सा अनुष्ठान में विश्वासियों की रही भीड़. प्रतिनिधि, गुमला गुमला जिले के ख्रीस्त विश्वासियों ने शांति, न्याय, प्रेम और धार्मिकता के राजकुमार येसु ख्रीस्त का जन्मोत्सव पर्व क्रिसमस गुरुवार को हर्षोल्लास से मनाया. इस अवसर पर गुमला धर्मप्रांत के सभी 39 पल्लियों के चर्चों में प्रात:कालीन पवित्र मिस्सा अनुष्ठान किया गया. कंपकपाती ठंड के बावजूद मिस्सा अनुष्ठान में ख्रीस्त विश्वासियों की भीड़ रही. भीड़ को देखते हुए कई चर्चों में पालीवार मिस्सा अनुष्ठान किया गया. इस निमित गुमला के संत पात्रिक महागिरजा में दो पाली में मिस्सा अनुष्ठान किया गया. पहला मिस्सा सात बजे से नौ बजे तक एवं दूसरा मिस्सा सुबह नौ बजे से 11 बजे तक हुई. पहला मिस्सा मुख्य अनुष्ठाता फादर जेफ्रियानुस तिर्की एवं दूसरा मिस्सा संत पात्रक महागिरिजा के सहायक पल्ली पुरोहित फादर मिलयानुस सारस ने कराया. वहीं गुमला जेल में फादर इम्मानुवेल कुजूर, बोक्टा महुआटोली में फादर मूनसन बिलुंग, तेलगांव में फादर अरविंद कुजूर ने मिस्सा अनुष्ठान कराया. मिस्सा अनुष्ठान के बाद ख्रीस्तीय विश्वासियों के बीच परम प्रसाद का वितरण किया गया. विश्वासियों ने कतारबद्ध होकर परम प्रसाद ग्रहण किया. इसके बाद बालक येसु ख्रीस्त का विश्वासियों को चुंबन कराया गया. मौके पर फादर जेफ्रियानुस ने सबों को शांति, न्याय, प्रेम और धार्मिकता के राजकुमार येसु ख्रीस्त का जन्मोत्सव पर्व क्रिसमस की बधाई देते हुए कहा कि आज के दिन अपने जीवन में नया बदलाव लाये और नये सिरे से जीवन की शुरूआत करें. क्योंकि आज के दिन ही यीशु ख्रीस्त इस धरती पर जन्म लिये और उनके जन्म लेते ही मनुष्यों का संबंध ईश्वर से जुड़ गया. यीशु ख्रीस्त ने इस धरती में जन्म लेकर समाज और समाज में रहने वाले लोगों में बदलाव लाया. येसु ख्रीस्त परमपिता परमेश्वर के एकलौते और सबसे प्रिय पुत्र हैं. येसु ख्रीस्त स्वयं ईश्वर हैं. वे चाहते तो किसी राजमहल में जन्म ले सकते थे. परंतु उन्होंने राजमहल की जगह बेतलहेम गांव में एक छोटे गौशाला में जन्म लिये. गौशाला में जन्म लेकर उन्होंने यह संदेश दिया कि कोई भी छोटा या बड़ा नहीं है. सभी एक बराबर हैं. उन्होंने लोगों को प्रेम, दया, क्षमा और सेवा करना सिखाया. आज के समय में हमें उनके इस संदेश को आत्मसात करने की जरूरत है. परमेश्वर का मनुष्यों के प्रति प्रेम का प्रतीक हैं यीशु ख्रीस्त : फादर नजारियुस फादर मिलियानुस सारस ने कहा कि ईश्वर पर आस्था रखने वाले लोग अपने जीवन में कभी हताश और निराश नहीं होते. यदि आपके जीवन में भी हताशा और निराशा है तो ईश्वर से प्रार्थना करें. खुद को ईश्वर के चरणों में समर्पित करें. ताकि ईश्वर आपके जीवन को पार लगा सके. दुनियां जब पाप में घिरने लगी, लोग ईश्वर को भुलाकर भोग-विलासिता का जीवन जी रहे थे. तब परमपिता परमेश्वर ने मनुष्यों को इससे मुक्ति दिलाने के लिए अपने प्रिय पुत्र येसु ख्रीस्त को बाल मानव के रूप में इस धरती पर भेजा. परमपिता परमेश्वर ने अपने प्रिय पुत्र को इस धरती पर भेजकर मनुष्यों के प्रति अपने प्रेम को दर्शाया है. प्रभु ख्रीस्त के आने से मानव जाति का उद्धार हुआ. प्रभु ख्रीस्त ने न केवल प्रेम, शांति और सेवा का संदेश दिया, बल्कि मानवों के बीच परमपिता परमेश्वर के सुसमाचार का प्रचार कर लोगों के दिलों में फिर से ईश्वर के प्रति आस्था भी जगायी. मिस्सा पूजा में शामिल पुरोहित व धर्मबहनें कार्यक्रम में में फादर कुलदीप, फादर पीटर तिर्की, फादर मुनसन, फादर जीतन कुजूर, फादर अगुस्टीन, फादर नीलम, फादर खुशमन, फादर अजय, फादर अरविंद, फादर पौल, फादर रंजीत, फादर अमृत, फादर फुलजेंस, फादर जीतन कुजूर, फादर प्रफुल्ल एक्का, फादर नवीन कुल्लू, फादर खुशमन, फादर जॉर्ज, फादर पास्कल, सिस्टर मारिया स्वर्णलता कुजूर, सिस्टर एमेल्डा सोरेंग, सिस्टर निर्मला, सिस्टर हिरमीना लकड़ा, सिस्टर अनुरंजना, सिस्टर स्वाती, सिस्टर गुलाबी, सिस्टर लवली, सिस्टर एस्टेला, सिस्टर ललिता लोलेन, सिस्टर निवेदिता, सिस्टर सुष्मिता, सिस्टर मायगी, सिस्टर शालिनी, सिस्टर शशि किंडो समेत अन्य पुरोहित एवं धर्मबहनें मौजूद थे. मिस्सा पूजा में काथलिक सभा ने सहभागिता निभायी मिस्सा पूजा के दौरान केंद्रीय काथलिक सभा, महिला काथलिक सभा एवं युवा काथलिक सभा ने भी सहभागिता निभायी. मौके पर केंद्रीय काथलिक सभा के अध्यक्ष सेतकुमार एक्का, इरेनियुस मिंज, त्योफिल बिलुंग, जेराल्ड संजय बाड़ा, विनय भूषण बाड़ा, लगनू ललित तिग्गा, रोबर्ट टोप्पो, प्रेम एक्का, थियोदोर खलखो, चंदन दोमनिक मिंज, त्योफिल खलखो, नीलम प्रकाश लकड़ा, एरेनियुस मिंज, फ्रांसिस, मनोज कुजूर, सुमित तिग्गा, दामियन तोपनो, पात्रिक केरकेट्टा, महिला काथलिक सभा के अध्यक्ष फ्लोरा मिंज, सचिव जयंती तिर्की, दिव्या सरिता मिंज, ग्रेगोरी तिर्की, अजीत कुजूर, तिंतुस कुजूर, रजनी पुष्पा तिर्की, दिव्या सरिता मिंज, मंजू बेक, विवयानी लकड़ा, लीली कल्याणी मिंज सहित काफी संख्या में ख्रीस्त विश्वासी मौजूद थे.

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Published by: Vikash nath

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