मार्केट कॉम्प्लेक्स की दुकानों का किराया अटका, एक दुकानदार पर 1.29 लाख रुपये बकाया

गुमला जिला परिषद के बसिया मार्केट कॉम्प्लेक्स में 16 दुकानदारों पर 5.16 लाख रुपये का किराया बकाया है. प्रशासन अब वसूली की कार्रवाई कर रहा है.

गुमला. जिला परिषद के बसिया मार्केट कॉम्प्लेक्स की दुकानों का किराया लंबे समय से बकाया रहने का मामला सामने आया है. अद्यतन प्रतिवेदन के अनुसार 16 दुकानदारों पर पांच लाख 16 हजार रुपये की बकाया राशि है. इनमें कई दुकानदारों ने कई महीनों से किराया जमा नहीं किया है. इस मामले का खुलासा जिला परिषद के कर्मियों की जांच से हुई है.

जांच में हुआ बड़ा खुलासा

रंजीत कुमार ने बताया कि वरीय अधिकारियों के निर्देश पर बसिया जाकर जांच करने पर यहां बड़ी गड़बड़ी सामने आयी है. यहां कई लोग अवैध रूप से दुकान चला रहे हैं. जिनके खिलाफ कार्रवाई होगी.

किराया बकाया रखने वाले दुकानदार

मासिक किराया बकाया रखने वाले दुकानदारों में बालकू सिंह 1,200 रुपये, अजय मेहतर 30,000 रुपये, गनीसा कुमारी कोई बकाया नहीं, अनूप कुमार साहू 2,400 रुपये, विनय पोद्दार 33,600 रुपये, संदीप कुमार सिंह 33,600 रुपये, पंकज कुमार सिंह 48,000 रुपये, कुसुम/ कुंती कुमारी 1,29,600 रुपये, पंकज कुमार सिंह 50,400 रुपये, श्यामू साहू 34,800 रुपये, अशोक कुमार 2,400 रुपये, प्रमोद महतो 26,400 रुपये, हेमंत हजाम 32,400 रुपये, जितेंद्र भगत 45,600 रुपये व जितेंद्र भगत 45,600 रुपये बकाया है. जीतेंद्र ने दो दुकान किराये पर ले रखी है.

20 से लेकर 72 माह तक किराया बकाया

जांच के अनुसार कई दुकानदारों का किराया 20 से लेकर 72 माह तक बकाया है. सबसे अधिक 1.29 लाख रुपये की राशि एक दुकानदार के नाम दर्ज है. जिला परिषद द्वारा बकाया किराया वसूली के लिए संबंधित दुकानदारों से राशि जमा कराने की कार्रवाई की जा रही है.

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लेखक के बारे में

By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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