टाना आंदोलन के महानायक की जयंती पर जुटेगा समाज, चिंगरी में 28 सितंबर को होगा कार्यक्रम

गुमला के चिंगरी गांव में बाबा जतरा टाना भगत की जयंती 28 सितंबर को मनाई जाएगी. कार्यक्रम को लेकर आदिवासी समाज ने बैठक कर रणनीति तैयार की है.

गुमला. टाना आंदोलन के प्रणेता एवं महान आदिवासी जननायक बाबा जतरा टाना भगत की जयंती आगामी 28 सितंबर 2026 को उनके पैतृक गांव चिंगरी बिशुनपुर में सादगी एवं गरिमापूर्ण तरीके से मनायी जायेगी. बैठक की अध्यक्षता जवरा टाना भगत द्वारा किया गया. कार्यक्रम में झारखंड के विभिन्न जिलों से टाना भगत सहित आदिवासी समाज के लोगों की सहभागिता होगी.

जनार्दन टाना भगत ने कहा कि बाबा जतरा टाना भगत केवल टाना भगत समाज ही नहीं, बल्कि पूरे आदिवासी समाज के प्रेरणास्रोत रहे. उन्होंने सत्य, अहिंसा, स्वाभिमान और सामाजिक जागरूकता के माध्यम से समाज को नई दिशा दी. उनके संघर्ष, त्याग और विचार आज भी नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं.

उन्होंने कहा कि इस वर्ष बाबा जतरा टाना भगत की जयंती उनके पैतृक गांव में सादगी और श्रद्धा के साथ मनायी जायेगी. छोटानागपुर की धरती पर अंग्रेजी शासन के खिलाफ बाबा जतरा टाना भगत ने जिस साहस और दृढ़ता के साथ संघर्ष किया, वह आदिवासी समाज के गौरवशाली इतिहास का महत्वपूर्ण अध्याय है.

बैठक में बालेश्वर टाना भगत, यशोदा टाना भगत, पुषा टाना भगत, विनय टाना भगत, मंगरी टाना भगत, इंद्रदेव टाना भगत, राजेश टाना भगत, रामदेव टाना भगत, जौरा टाना भगत, सिकंदर उरांव, सुशील उरांव, संतोष महतो, बलदेव टाना भगत, मंत्री टाना भगत, पवित्रा टाना भगत, महादेव टाना भगत, जयमंगल टाना भगत, भूषण भगत बड़ाइक, जगदीश टाना भगत, सुखराम टाना भगत, बलकु टाना भगत, बिहारी टाना भगत, शिवदयाल टाना भगत, सुका टाना भगत एवं हिरामुनी टाना भगत सहित अन्य लोग सक्रिय रूप से जुटे हुए हैं. कार्यक्रम एवं तैयारियों की जानकारी सोशल एक्टिविस्ट एवं आदिवासी नेता अनिल अमिताभ पन्ना ने दी.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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