गुमला. जिला पेंशनर समाज के पदधारियों व सदस्यों ने उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित से औपचारिक भेंट कर अखिल भारतीय राज्य पेंशनर फेडरेशन के आह्वान पर प्रधानमंत्री के नाम संबोधित मांग पत्र सौंपा. ज्ञात हो कि केंद्रीय सिविल सेवा (पेंशन) नियमों व भारत की संचित निधि से पेंशन देनदारियों पर व्यय के सिद्धांतों के वैधकरण से संबंधित विधेयक संसद से पारित हो जाने के फलस्वरूप केंद्र सरकार को पूर्व पेंशनधारकों व वर्तमान पेंशनधारकों में विभेद करने का अधिकार प्राप्त हो गया है. फलत: इससे 2016 से पूर्व व इसके बाद के पेंशनरों के बीच सातवें वेतन आयोग द्वारा प्रदत्त समानता समाप्त हो जाने की संभावना बढ़ गयी है. ज्ञापन में पूर्व की यथास्थिति बहाल रखे जाने की दिशा में पुनर्विचार करने का आग्रह किया गया है, ताकि पेंशनभोगी पूर्व में प्राप्त सुविधाओं से वंचित न हो सके. पेंशनर समाज के पदाधिकारियों द्वारा पृथक से उपायुक्त को एक आवेदन सौंप कर जिला प्रशासन द्वारा पेंशनरों को बैठक आदि के लिए उपलब्ध करायें गये भवन में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया. आवेदन में बताया गया है कि भवन की स्थिति जर्जर हो चुकी है. बारिश होने पर छत से रिसाव होता है. वर्षों से भवन का रंग-रोगन भी नहीं कराया गया है. साथ ही भवन में बाथरूम नहीं रहने से समाज की बैठकों में पेंशनरों को परेशानी झेलनी पड़ती है. उपायुक्त ने पेंशनर भवन को शीघ्र दुरुस्त करने का आश्वासन दिया. मौके पर जिला पेंशनर समाज के अध्यक्ष तेजपाल राम, महावीर प्रसाद मिश्र, महेश प्रसाद गुप्ता, डोमन राम मोची आदि मौजूद थे.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।