अमन व शांति की दुआ की गयी
शहरी क्षेत्र के सभी मस्जिदों में अदा की गयी जुमे की नमाज
गुमला. गुमला शहरी क्षेत्र के सभी मस्जिदों में शुक्रवार को अलविदा जुमे की नमाज अदा की गयी. जामा मस्जिद में इमाम ने नमाज के बाद अमन और शांति के लिए विशेष दुआ की. उन्होंने कहा है कि जिस तरह से हम लोगों ने अभी तक पाबंदी के साथ रोजा रखा है. कुरान का पाठ किया है. तरावीह की नमाज अदा करते आ रहे हैं. मुसलमान को चाहिए कि अपनी जिंदगी पूरी तरह से सुन्नते रसूल पर चल कर गुजरने की कोशिश होनी चाहिए. इंसान अपने एक साल की जिंदगी को पूरा करने के बाद दूसरे साल की जिंदगी पाता है, तब रमजान के रोजे रख पाता है. अगर माह-ए-रमजान की फजीलत की हकीकत लोगों को समझ में आ जाये, तो हर आदमी यह तमन्ना करेगा कि उसकी जिंदगी में सालों भर रमजान रहे. इस दौरान गुमला शहर के 12 मस्जिदों में नमाज अदा की गयी. शहजाद अनवर ने मुस्लिम समाज से अपील की है कि आप सब पवित्र महीने में गरीब यतीम और जरूरतमंद को दिल खोलकर मदद करें, ताकि ईद की खुशी में उन्हें भी खुशी मिल सके.
जंगल को आग से बचाने का लिया गया संकल्प
रायडीह. वन परिसर रायडीह में वन अग्नि की घटनाओं की रोकथाम और जंगलों के संरक्षण को लेकर शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण चर्चा-परिचर्चा सह जागरूकता बैठक हुई. प्रदान संस्था के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में रायडीह बीट क्षेत्र के विभिन्न गांवों से ग्रामीणों को विशेष रूप से आमंत्रित किया गया. कार्यक्रम में वन क्षेत्र पदाधिकारी कुरुमगढ़ जगदीश राम समेत प्रखंड के जनप्रतिनिधि, सक्रिय वन समिति के सदस्य सहित अलग-अलग गांवों के ग्राम प्रधान शामिल रहे. कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने जंगलों में लगने वाली आग से होने वाले नुकसान पर विस्तार से चर्चा की. बताया गया कि वन अग्नि से न केवल जंगलों की जैव विविधता को नुकसान पहुंचता है, बल्कि इससे वन्यजीवों का जीवन भी खतरे में पड़ जाता है. आसपास के गांवों के पर्यावरण और जल स्रोतों पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है. वहीं उपस्थित ग्रामीणों और वन समिति के सदस्यों ने वन अग्नि की रोकथाम के लिए अपने-अपने सुझाव साझा किये. बैठक के अंत में सभी उपस्थित लोगों ने संकल्प लिया कि वे अपने-अपने गांवों में वन अग्नि के प्रति जागरूकता फैलायेंगे और जंगलों को आग से बचाने के लिए सामूहिक रूप से काम करेंगे, ताकि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संपदा सुरक्षित रह सके.