गुमला. शहर के सिसई रोड निवासी अमर प्रदीप कुजूर ने उपायुक्त प्रेरणा दीक्षित को ज्ञापन सौंपकर समाज कल्याण शाखा गुमला द्वारा आयोजित निविदा प्रक्रिया में सरकारी नियमों की अनदेखी और मनमानी का आरोप लगाया है. उन्होंने इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है. अमर प्रदीप कुजूर ने बताया कि वे एमएसएमइ में अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) उद्यमी के रूप में पंजीकृत हैं और लगातार विभिन्न सरकारी निविदाओं में भाग ले रहे हैं. उनके अनुसार हाल के दिनों में गुमला जिले में आयोजित निविदाओं में एससी-एसटी उद्यमियों के लिए निर्धारित शर्तों का पालन नहीं किया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि निविदा प्रक्रियाओं को मनमाने ढंग से संचालित किया जा रहा है, जिससे स्थानीय एससी-एसटी उद्यमियों को वंचित होना पड़ रहा है. उन्होंने उल्लेख किया कि 19 जून को समाज कल्याण शाखा द्वारा पुनः एक निविदा आमंत्रित की गयी है, जिसका उद्देश्य आकांक्षी जिले के आदिवासी ब्लॉकों में पुराने आंगनबाड़ी केंद्रों को मॉडल आंगनबाड़ी केंद्रों में बदलना है. लेकिन इस निविदा में नियमों को इस प्रकार जटिल बना दिया गया है कि स्थानीय एससी-एसटी उद्यमी भाग ही नहीं ले पायेंगे. साथ ही एमएसएमइ के अंतर्गत मिलने वाले लाभों का उल्लेख निविदा में नहीं किया गया है. उन्होंने उपायुक्त से आग्रह किया है कि पूर्व की शर्तों को बरकरार रखा जाये और स्थानीय एससी-एसटी उद्यमियों को एमएसएमइ के तहत मिलने वाले सभी लाभ प्रदान किए जाये.
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