अलग राज्य बनने के बाद भी झारखंड आंदोलनकारी की पहचान हाशिए पर : पुष्कर
अलग राज्य बनने के बाद भी झारखंड आंदोलनकारी की पहचान हाशिए पर : पुष्कर
By Prabhat Khabar News Desk | Updated at :
गुमला. झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा गुमला जिला के तत्वावधान में सोमवार को मांझाटोली में झारखंड आंदोलनकारियों का मिलन समारोह व सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ. मुख्य अतिथि झारखंड आंदोलनकारी संघर्ष मोर्चा के संस्थापक प्रधान सचिव पुष्कर महतो ने कहा कि झारखंड आंदोलनकारी अपने मान-सम्मान व पहचान के लिए लगातार संघर्ष करते आ रहे हैं. झारखंड राज्य बनने के बावजूद झारखंड आंदोलनकारी व झारखंडी जनमानस की पहचान हाशिए पर है. झारखंड आंदोलनकारियों को आज भी अपने अस्तित्व की पहचान के अधिकारों की रक्षा के सवालों को लेकर संघर्ष करना पड़ रहा है. उन्होंने अपील की कि तीन जनवरी 2026 को हजारों को संख्या में परंपरागत वेशभूषा, वाद्य यंत्र, अस्त्र-शस्त्र से लैस होकर गुमला जिले के हजारों की संख्या में आंदोलनकारी अपनी सांस्कृतिक पहचान के साथ रांची पहुंचे और अपने मान-सम्मान व पहचान एवं बाल-बच्चों के अधिकारों की रक्षा की लड़ाई में समुचित भागीदारी सुनिश्चित करें. विशिष्ट अतिथि दक्षिणी छोटानागपुर प्रमंडल की अध्यक्ष रोजलीन तिर्की ने कहा कि झारखंड में सरकार तृतीय व चतुर्थ वर्ग की नौकरियां समेत जेपीएससी व झारखंड कर्मचारी चयन आयोग की नौकरियों में 100 प्रतिशत भागीदारी झारखंडियों व झारखंड आंदोलनकारियों के आश्रितों के लिए सुनिश्चित करें. प्रभारी अनथन लकड़ा ने कहा कि सरकार आंदोलनकारियों की आवाज व पहचान बने और सम्मान दें. इससे पूर्व जिलाध्यक्ष खोरस केरकेट्टा ने सभी का स्वागत किया. कार्यक्रम में सोमारी देवी, पुनई उरांव, नीलू देवी, प्रकाश खलखो, सुजाता टोप्पो, विजय उरांव, पावल लकड़ा, सुशील लकड़ा, रानी उरांव, जीवन मिंज, चरवा एक्का, राजेश खड़िया, देवकी भगत, छंदू मुंडा आदि उपस्थित थे.
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