गांधी जयंती पर तीन दिवसीय विकास मैराथन और साइकिल रेसिंग का होगा आयोजन

घाघरा में गांधी जयंती के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय विकास मैराथन और साइकिल रेसिंग का आयोजन किया जा रहा है. इसके लिए नई कमेटी का गठन भी कर दिया गया है.

घाघरा (गुमला): गांधी जयंती के अवसर पर विकास भारती बिशुनपुर द्वारा आयोजित होने वाले विकास मैराथन और साइकिल रेसिंग को सफल बनाने को लेकर घाघरा प्रखंड के चांदनी चौक में बैठक हुई. महेंद्र भगत की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में कार्यक्रम की तैयारियों और इसे सफल बनाने को लेकर विस्तार से चर्चा की गयी. बैठक में कार्यक्रम को तीन दिवसीय आयोजित करने का निर्णय लिया गया.

लोहरदगा से चिंगरी तक होगी साइकिल रेस

निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार एक अक्तूबर को कार्तिक उरांव साइकिल रेस का आयोजन किया जाएगा. यह रेस लोहरदगा से चिंगरी तक होगी. वहीं, दो अक्तूबर को विकास मैराथन का आयोजन घाघरा से चिंगरी तक किया जाएगा. तीन अक्तूबर को सिंगबोंगा मैराथन नेतरहाट से चिंगारी तक आयोजित होगी.

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कार्यक्रम के लिए कमेटी का गठन

कार्यक्रम के सफल संचालन के लिए बैठक में कमेटी का गठन किया गया. इसमें बिपिन बिहारी सिंह को अध्यक्ष, अनिरुद्ध चौबे को कार्यकारी अध्यक्ष, योगेंद्र भगत को सचिव, दिनेश जायसवाल को सहसचिव, अनिल भगत को कोषाध्यक्ष और सुनील प्रसाद को सह कोषाध्यक्ष बनाया गया. वहीं रविंद्र भगत, श्याम किशोर पाठक, मनोज कुमार साहू, मनोज कुमार सिंह और अमित ठाकुर को उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी दी गयी. गणेश उरांव को कार्यक्रम व्यवस्थापक चुना गया.

हाई स्कूल मैदान से शुरू होगी मैराथन

दो अक्तूबर को होने वाली विकास मैराथन दौड़ की शुरुआत घाघरा प्रखंड मुख्यालय स्थित हाई स्कूल मैदान से की जायेगी. बैठक में आयोजन को सफल बनाने के लिए विभिन्न स्तरों पर जिम्मेदारियां तय की गई. बैठक में योगेंद्र भगत, केश्वर मुंडा, सुमंत कुमार पांडे, अशोक बैठा, नीरज सिंह, अरूणजय सिंह, जन्मजय सिंह और आजाद साहू सहित कई लोग मौजूद थे.

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By दुर्जय पासवान

दुर्जय पासवान ने वर्ष 2001 से पत्रकारिता की शुरुआत की. दैनिक जागरण में दो साल काम करने के बाद 2003 में वे प्रभात खबर से जुड़े. इसके साथ ही नयी दुनिया अखबार, प्रहार मैगजीन में भी अपनी सेवा दी. इसके बाद 2010 में वे दैनिक भास्कर गुमला का ब्यूरो इंचार्ज के रूप में काम शुरू किये. भास्कर में पांच साल सेवा देने के बाद दोबारा 2014 में प्रभात खबर में ब्यूरो इंचार्ज के रूप में वापसी की. तब से अबतक प्रभात खबर से जुड़े हुए हैं. उन्होंने नक्सलियों से जुड़ी खबरें, नक्सली घटनाएं, ग्राउंड रिपोर्ट, प्राचीन और ऐतिहासिक धरोहरों की खोज से संबंधित खबरों पर अच्छा काम किया. इन्हीं खबरों ने उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में पहचान दी. दुर्जय पासवान बहुत लगन से अपना सभी काम का पूरा करते हैं.

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