गुमला. आदिवासी बहुल गुमला जिले में स्वास्थ्य सुविधाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ी पहल के तहत सदर अस्पताल परिसर में 23 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट का निर्माण तेजी से किया जा रहा है. यह परियोजना जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था में महत्वपूर्ण बदलाव लाने वाली साबित होगी. करीब 26 हजार वर्गफीट क्षेत्र में बन रही इस आधुनिक यूनिट में मरीजों के उपचार के लिए उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी. यहां 50 बेड की व्यवस्था की जा रही है. इसके अलावा गंभीर मरीजों की निगरानी और इलाज के लिए 10 आइसीयू बेड, दो डायलिसिस बेड, अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर लैब तथा दो आधुनिक ऑपरेशन थियेटर भी बनाये जा रहे हैं. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार निर्माण कार्य लगभग 80 प्रतिशत पूरा हो चुका है. फिलहाल रंग-रोगन, पानी की टंकी का निर्माण और आवश्यक मशीनों की आपूर्ति का कार्य शेष है. विभाग ने इसी वर्ष 15 अगस्त से पहले परियोजना को पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया है. यूनिट में आधुनिक उपकरणों के साथ प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी और विशेषज्ञ चिकित्सकों की तैनाती भी की जायेगी.
गंभीर मरीजों के लिए बनेगी जीवनरक्षक सुविधा
क्रिटिकल केयर यूनिट, जिसे गहन चिकित्सा इकाई (आइसीयू) भी कहा जाता है, उन मरीजों के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है जिनकी स्थिति गंभीर होती है और जिन्हें लगातार निगरानी तथा विशेष चिकित्सा सुविधा की आवश्यकता होती है. गुमला जैसे जिले में इस यूनिट का निर्माण स्वास्थ्य सेवाओं के लिहाज से बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है. वर्तमान में गंभीर मरीजों को बेहतर इलाज के लिए रांची, जमशेदपुर या अन्य बड़े शहरों में रेफर करना पड़ता है. दूरी और समय के कारण कई बार मरीजों की स्थिति और गंभीर हो जाती है. क्रिटिकल केयर यूनिट शुरू होने के बाद जिले के मरीजों को स्थानीय स्तर पर ही बेहतर और त्वरित उपचार उपलब्ध हो सकेगा, जिससे रेफरल की आवश्यकता भी कम होगी.
