स्थानीय नीति व सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन से उत्पन्न समस्या एवं समाधान विषय पर कार्यशाला
गुमला : पार्टी वाले राजनीतिक दलों का लक्ष्य वर्ष 2019 का चुनाव है़ लेकिन इससे पहले ही सरकार की नीतियों के कारण लोग बेघर हो जायेंगे़ सरकार द्वारा लगायी गयी आग को 2019 से पहले ही बुझाना है़
हमारी पहली समस्या हमारे गांव और जमीन को बचाना है़ क्योंकि शहरों की जमीन लूटी जा चुकी है़ यह बातें आदिवासी सेंगेल अभियान के प्रमुख सह पूर्व सांसद सालखन मुरमू ने कही़ सालखन मुरमू रविवार को गुमला के संत पात्रिक हॉफमैन हॉल में आदिवासी सशक्तिकरण मंच गुमला के तत्वावधान में स्थानीय नीति, एवं सीएनटी व एसपीटी एक्ट में संशोधन से उत्पन्न समस्या एवं समाधान विषय पर आयोजित कार्यशाला में बोल रहे थे़ उन्होंने कहा कि हमारी दूसरी समस्या गलत स्थानीय नीति है़ इस गलत नीति के कारण नौकरी भी लूटेगी़ इसके लिए आदिवासी परामर्शदात्री समिति के 19 आदिवासी सदस्य और विधानसभा के 28 आदिवासी विधायक दोषी है़
क्योंकि ये लोग पार्टी और पेट बचाने में लगे है़ं उन्होंने कहा कि गलत स्थानीय नीति और सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन को लेकर सात अप्रैल को रांची में वृहत रूप से कार्यक्रम का आयोजन किया गया है़ इसमें झारखंड सहित असम, बिहार, बंगाल, उड़ीसा और छत्तीसगढ़ राज्य के आदिवासियों को भी शामिल करना है़ कार्यशाला को संयोजक मंडली के सुनील केरकेट्टा, प्लासियुस टोप्पो, थियोदोर किडो, मेलप्रकाश टोप्पो, सजीत पन्ना ने भी संबोधित किया़
इस अवसर पर कार्यशाला का संचालन व धन्यवाद ज्ञापन सेत कुमार एक्का ने किया़ मौके पर जयंती तिर्की, फलोरा मिंज, नील जस्टिन बेक, अलबर्ट तिग्गा, उषालीमा मिंज, विपत केरकेट्टा, डोलम गिद्धि, आशीष बाड़ा, अमित एक्का, सामुवेल कुजूर, लिविन बाखला, अजय प्रताप कुजूर, ललित एक्का, अलबर्ट तिग्गा, सुशीला तिर्की, तेलेस्फोर एक्का, कमल टोप्पो, मुकेश लकड़ा, रीमा किंडो, अजीता लकड़ा, विलसन मुंजनी, लोलस उरांव, एतवा उरांव सहित काफी संख्या में लोग उपस्थित थ़े
