सिसई. प्रखंड के कुदरा गांव में पेसा कानून के तहत ग्रामसभा संचालन व सहायक सचिव जैसे पदों की नियुक्ति को लेकर विवाद गहरा गया है. ग्राम प्रधान के पद पर दावेदारी को लेकर गांव दो गुटों में बंट गया है, जिससे चलते चयन प्रक्रिया ठप हो गयी है. सोमवार को विवाद सुलझाने और पुनः चयन की मांग को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने अंचल कार्यालय पहुंच कर अंचलाधिकारी का घेराव किया. मामले में एक पक्ष जयराम उरांव को कुदरा का वैध ग्राम प्रधान बता रहा है. समर्थकों का कहना है कि वर्ष 2022 में पूर्व ग्राम प्रधान स्व एतवा उरांव के निधन के बाद मार्च 2025 में सार्वजनिक बैठक कर जयराम उरांव को चुना गया था. उनके पास प्रधानी प्रशिक्षण प्रमाण पत्र भी है और अंचल कार्यालय की सूची में भी उनका नाम दर्ज रहा है. समर्थकों ने आरोप लगाया कि 18 अप्रैल को एक सुधार आदेश के जरिये उनका नाम हटा दिया गया, जिसके विरोध में 25 अप्रैल को भी घेराव किया गया था, तब सीओ ने नाम जोड़ने के लिए जिला को पत्र भेजने का आश्वासन दिया था. वहीं दूसरे गुट ने जयराम उरांव की प्रधानी को सिरे से खारिज करते हुए उन्हें फर्जी करार दिया है. इस पक्ष का आरोप है कि बिना विधिवत ग्रामसभा के ही वे स्वयं को ग्राम प्रधान घोषित कर सरकारी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कर रहे हैं. इस गुट ने मुख्यमंत्री, राज्यपाल और पंचायती राज विभाग को शिकायत भेज कर नये सिरे से चयन प्रक्रिया शुरू कराने की मांग की है.
कुदरा में ग्राम प्रधान पद को लेकर छिड़ा विवाद
अंचल कार्यालय का घेराव कर ग्रामीणों ने जतायी नाराजगी
