प्रखंड मुख्यालय में पेयजल के लिए हाहाकार

कामडारा. गरमी की दस्तक के साथ प्रखंड मुख्यालय में पेयजल को लेकर हाहाकार मच गया है. प्रखंड मुख्यालय कैंपस में सरकार की ओर से पांच डीप बोरिंग होने के बावजूद लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है. वहीं सरकार द्वारा लगातार घोषणा की जा रही है कि पेयजल के लिए लोगों को […]

कामडारा. गरमी की दस्तक के साथ प्रखंड मुख्यालय में पेयजल को लेकर हाहाकार मच गया है. प्रखंड मुख्यालय कैंपस में सरकार की ओर से पांच डीप बोरिंग होने के बावजूद लोगों को बूंद-बूंद पानी के लिए तरसना पड़ रहा है. वहीं सरकार द्वारा लगातार घोषणा की जा रही है कि पेयजल के लिए लोगों को समस्या का सामना नहीं करने दिया जायेगा. जल संचय के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर युद्धस्तर पर डोभा का कार्य कराया जा रहा है. लेकिन वहीं दूसरी ओर प्रखंड मुख्यालय में पांच डीप बोरिंग होने के बाद भी थाने के जवान, प्रखंड कर्मियों, स्कूली बच्चों व ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए तरसना पड़ रहा है. विगत वर्ष पीएचइडी विभाग की ओर से 15 लाख रुपये खर्च कर डीप बोरिंग व जलमीनार बनाया गया था. संवेदक की लापरवाही के कारण कुछ दिनों में भवन के बाहर दरार हो गया.
इससे एक सप्ताह से जलमीनार बंद पड़ा है. इस संबंध में ग्रामीण रमेश साहू, राजेंद्र साहू ने बताया कि सही समय से पानी नहीं मिल पा रहा है.वहीं भार के माध्यम से पानी लाना पड़ रहा है. इससे प्रखंडवासियों में रोष है. ऑपरेटर छकर राम ने बताया कि हमेशा पेयजल की अर्थिंग वायर को कुछ लोगों द्वारा तोड़ दिया जाता है. इससे मशीन खराब हो गयी है. मैंने इसकी जानकारी संवेदक को दे दी है. संवेदक बलि साहू ने कहा कि मशीन में खराबी आयी है. मैने मिस्त्री को इसकी जानकारी दी है. शीघ्र ही मशीन ठीक कराया जायेगा.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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