पार्षद की जाति की जांच बिहार में होगी

सूचना के अधिकार से पंचायती राज पदाधिकारी ने दी सूचना एसडीओ की जांच के बावजूद मामले को दबाने का प्रयास गुमला : गुमला नगर परिषद के वार्ड नंबर आठ के वार्ड पार्षद मोहम्मद मुमताज की जाति की सत्यता की जांच बिहार राज्य के गया जिला में होगी. 18 फरवरी 2017 को गुमला जिला पंचायती राज […]

सूचना के अधिकार से पंचायती राज पदाधिकारी ने दी सूचना

एसडीओ की जांच के बावजूद मामले को दबाने का प्रयास

गुमला : गुमला नगर परिषद के वार्ड नंबर आठ के वार्ड पार्षद मोहम्मद मुमताज की जाति की सत्यता की जांच बिहार राज्य के गया जिला में होगी. 18 फरवरी 2017 को गुमला जिला पंचायती राज पदाधिकारी अजय तिर्की ने गया जिला के उपायुक्त को पत्र लिख कर मुमताज की जाति की सत्यता की जांच कर रिपोर्ट देने का अनुरोध किया है.

यह जानकारी पंचायत राज पदाधिकारी ने सूचना के अधिकार के तहत गौस नगर गुमला निवासी मोहम्मद कलाम आलम को दी है. कलाम ने सूचना के अधिकार के तहत पूछा था कि एसडीओ की जांच के बाद भी अभी तक फरजी जाति प्रमाण पत्र पर धन बल से चुनाव जीतने वाले मुमताज पर कार्यवाही क्यों नहीं हो रही है. इसके बाद श्री तिर्की ने जवाब देते हुए कहा है कि गया के उपायुक्त की रिपोर्ट के बाद कार्रवाई होगी.

मामले को दबाने का चल रहा खेल

नगर परिषद के चुनाव में वार्ड नंबर आठ से पिछड़ी जाति के आरक्षित सीट से मोहम्मद मुमताज ने चुनाव जीता था. उस समय उसी वार्ड के कुछ लोगों ने शिकायत की कि मुमताज सामान्य जाति का है. लेकिन उसने फरजी प्रमाण पत्र बना कर धन बल से पिछड़ी जाति की सीट से चुनाव जीता था. उसकी सदस्यता रद्द करते हुए कार्रवाई की मांग की गयी थी.

इसके बाद डीसी के निर्देश पर एसडीओ केके राजहंस ने मामले की निष्पक्ष जांच की. जांच में उन्होंने कई चरणों में कई लोगों से पूछताछ की. दस्तावेज की जांच की. प्रमाण पत्र की जांच हुई. इसके बाद एसडीओ ने रिपोर्ट दिया कि मुमताज पिछड़ी जाति का नहीं है. लेकिन वर्षो से मामले को दबा कर रखा है. कार्रवाई के नाम पर अब बिहार राज्य के गया जिला से जाति के संबंध में जानकारी मांगी जा रही है.

आशिक अंसारी ने डीसी को लिखा पत्र

कांग्रेस के प्रदेश सचिव सह चांदनी चौक निवासी मोहम्मद आशिक अंसारी ने डीसी व जिला सूचना पदाधिकारी गुमला को आवेदन सौंपा है. इजिसमें उन्होंने कहा है कि एसडीओ की जांच से स्पष्ट होता है कि मुमताज पिछड़ी जाति का नहीं है. वह सामान्य जाति का है. इसके बावजूद अभी तक कार्रवाई क्यों नहीं हो रही है. इस पर अंसारी ने सवाल खड़ा किया है कि लेन-देन कर मामले को दबाने का काम किया जा रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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