रेड़वा, बानपुर, गुड़ाम व गुड़मा पुलिस पिकेट का निरीक्षण किया
पुलिस जवानों की समस्याओं से गुमला एसपी अवगत हुए
बसिया/कामडारा/पालकोट : गुमला के युवा एसपी चंदन कुमार झा पीएलएफआइ के गढ़ बसिया, कामडारा व पालकोट इलाके में घुसे. साथ में एसडीपीओ बच्चनदेव कुजूर, बसिया थानेदार अनिल नायक व कामडारा थानेदार नरेश प्रसाद सिन्हा थे. एसपी ने कामडारा के रेड़वा, बानपुर, बसिया के गुड़ाम व पालकोट के गुड़मा पुलिस पिकेट का निरीक्षण किया. पिकेट में भवन, रहने की व्यवस्था, पानी, बिजली व अन्य समस्याओं से अवगत हुए. जवानों से घंटों बात की. जवानों की समस्या के बारे में जानकारी प्राप्त की. एसपी ने सभी जवानों का काम के प्रति हौसला बढ़ाया. साथ ही निर्भिक होकर उग्रवादियों के खिलाफ छापामारी अभियान में शामिल होने व क्षेत्र से उग्रवाद को खत्म करने को लिए कहा. जिससे इस क्षेत्र की जनता भयमुक्त वातावरण में रह सके.
एसपी सबसे पहले गुड़मा पुलिस पिकेट पहुंचे. यह क्षेत्र भाकपा माओवादी व पीएलएफआइ दोनों का है. यहां पहुंचने के बाद क्षेत्र की भौगोलिक बनावट के बारे में जानकारी प्राप्त की. इसके बाद एसपी बसिया प्रखंड पहुंचे. जहां वे गुड़ाम पुलिस पिकेट पहुंचे. गुड़ाम में अभी अस्थायी रूप से कैंप संचालित है. यहां की समस्याओं से अवगत होते हुए क्षेत्र में उग्रवादी गतिविधि के बारे में पूछा. यहां बता दें कि गुड़ाम से कुछ दूरी पर ही पीएलएफआइ ने एक साल पहले सड़क निर्माण स्थल पर हमला कर चार मजदूरों को मार डाला था. इसके बाद से गुड़ाम में पुलिस पिकेट की स्थापना की गयी है. सड़क की स्थिति को भी देखा. सड़क खराब होने के कारण स्थानीय लोगों को आने-जाने में परेशानी होती है. बसिया के बाद एसपी कामडारा प्रखंड पहुंचे. जहां वे रेड़वा व बानपुर पुलिस पिकेट का निरीक्षण कर समस्याओं से अवगत होते हुए उसे दूर करने का आश्वासन दिया.
कुरकुरा में पुलिस ओपी खुलेगा
कामडारा प्रखंड में कुरकुरा ओपी की स्थापना होगी. इसके लिए कवायद शुरू कर दी गयी है. ओपी के अंतर्गत पांच पंचायत के 20 गांव आयेंगे. इसकी आबादी 63 हजार 771 है. प्रत्येक पंचायत में साढ़े छह हजार आबादी है. पांच पंचायतों में कुलबुरू, रामपुर, आरया, इटाम व कुरकुरा है. ओपी के लिए 11 बिंदुओं की जानकारी पुलिस विभाग को दी गयी है. इनमें सड़क की व्यवस्था, क्षेत्र की भौगोलिक बनावट, जनसंख्या, उस क्षेत्र में पांच साल के अंतर्गत हुए क्राइम व अन्य जानकारी है. ओपी के लिए लगभग एक एकड़ जमीन की दरकार है. परंतु जब तक जमीन नहीं मिलता है. किसी सरकार भवन में ओपी संचालित होगा.
