डीसी ने प्रिया की मौत के मामले में पालकोट बीइइओ व वार्डेन से स्पष्टीकरण मांगा है. सही जवाब नहीं मिलने पर कार्रवाई होगी.
दुर्जय पासवान
गुमला : जिला के पालकोट प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय स्कूल, बघिमा की 11वीं कक्षा की छात्रा प्रिया कुमारी की मौत के मामले में डीसी श्रवण साय ने जांच का आदेश दिया है.
जांच टीम बन गयी है. इसमें नैप निदेशक नयनतारा केरकेट्टा, एलआरडीसी अंजना दास व डीइओ जयंत मिश्र को जांच का जिम्मा मिला है. डीसी ने एक सप्ताह के अंदर जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है.
जिससे प्रिया की मौत के कारणों व कस्तूरबा स्कूल के अंदररूनी घटनाओं का खुलासा हो सके. इस मामले में डीसी ने वार्डेन नीलम प्रभा केरकेट्टा व प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी राजकुमार सिंह से स्पष्टीकरण मांगा है कि छात्रा द्वारा बीमारी को लेकर छुट्टी मांगे जाने पर उसे छुट्टी क्यों नहीं दी गयी. डीसी ने कहा है कि वार्डेन व बीइइओ का जवाब संतुष्ट करने योग्य नहीं मिलता है तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई होगी. डीसी ने कहा है कि स्कूल के अंदर छात्रा की मौत होना गंभीर मामला है. लड़की 11वीं कक्षा में पढ़ती थी और अचानक उसकी मौत किसी परिस्थिति में हुई है, इसकी जांच होने के बाद दोषियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई होगी.
मां ने दर्ज करायी हत्या की प्राथमिकी
मृतका की मां लीला देवी ने पालकोट थाने में हत्या की प्राथमिकी दर्ज करायी है. जिसमें उन्होंने सांसद प्रतिनिधि रामअवध साहू उर्फ सैबू, जिला परिषद सदस्य मनोज नायक, कस्तूरबा स्कूल के लेखापाल अनूप शशि भूषण एक्का सहित पुष्पा कुमारी, मायावती कुमारी, राखी कुमारी, सुनीता कुमारी व आरती कुमारी को शामिल किया है. इन लोगों पर एक साजिश के तहत प्रिया को मारने का आरोप लगाया गया है. थाना प्रभारी नित्यानंद महतो ने बताया कि मृतका की मां के लिखित बयान पर हत्या की प्राथमिकी दर्ज की गयी है.
लेखापाल को सेवामुक्त किया गया
डीएसइ गनौरी मिस्त्र ने कस्तूरबा स्कूल के लेखापाल अनूप भूषण एक्का की संविदा रद्द करते हुए उसे सेवा से मुक्त कर दिया है. अनूप को स्कूली छात्रा की मौत का जिम्मेवार ठहराया गया है. वहीं प्रिया की मौत से स्कूल की अन्य लड़कियां दहशत में आ गयी है. शिक्षा विभाग के वरीय अधिकारियों के निर्देश के बाद तीन दिन के लिए कस्तूरबा स्कूल की छुट्टी कर दी गयी है. प्रशासन ने गाड़ी की व्यवस्था कर सभी लड़कियों को उनके घर पहुंचावाया.
कस्तूरबा स्कूलों में ट्रांसफारमर लगाये जायेंगे
बघिमा कस्तूरबा में बिजली नहीं होने का भी मामला उठा है. लड़कियां छात्रावास में अंधेरे में रहने को विवश हैं. उपायुक्त ने गुमला जिले के सभी कस्तूरबा स्कूल, जहां बिजली सप्लाई नहीं है. वहीं बिजली पहुंचाने की प्रक्रिया प्रारंभ करवाया है. बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता कुणाल किशोर को निर्देश दिया गया कि जिस कस्तूरबा स्कूल का अपना भवन बन गया है और जहां बिजली नहीं है, वहां स्कूल कैंपस के अंदर अलग से ट्रांसफारमर लगा कर बिजली सप्लाई की जाये. डीसी ने बताया कि लगभग 20 लाख रुपये की लागत से सभी कस्तूरबा स्कूलों में ट्रांसफारमर लगायी जायेगी. एलटी केबुल का उपयोग होगा. इसके तहत 63 केवी का ट्रांसफारमर लगाना है. कस्तूरबा स्कूल कैंपस में लगने वाले ट्रांसफारमर से बाहरी लोगों को बिजली नहीं दी जायेगी. मालूम हो कि गुमला के 11 प्रखंड में कस्तूरबा स्कूल संचालित है. इसमें सिर्फ भरनो प्रखंड के स्कूल कैंपस में बिजली व्यवस्था है.
दोषियों पर कार्रवाई हो : कांग्रेस
कांग्रेस पार्टी के मोहम्मद इम्तियाज ने डीसी, एसटी कमीशन के पूर्व चेयरमैन डॉ रामेश्वर उरांव, शिक्षा मंत्री नीरा यादव व समाज कल्याण मंत्री डॉ लुईस मरांडी को ज्ञापन सौंपा कर प्रिया की मौत की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है. साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग किया है. उन्होंने कहा है कि शिक्षा की मंदिर में इस प्रकार की घटना होना निंदनीय है. दोषी को सजा मिलेगी तो भविष्य में स्कूल के संचालन में किसी प्रकार की दिक्कत नहीं आयेगी.
कंटीले तार से होगी स्कूलों की घेराबंदी
सुरक्षा के दृष्टिकोण से जिले के सभी कस्तूरबा स्कूलों की घेराबंदी कंटीले तार से की जायेगी. डीसी ने कहा है कि जिले के जिन कस्तूरबा स्कूलों की घेराबंदी नहीं हुई है, उन स्कूलों के चारों तरफ कंटीले तार लगाये जाये. बाहरी लोगों के प्रवेश को रोका जाये.
पोस्टमार्टम की करायी गयी वीडियोग्राफी
पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी करायी गयी. उपायुक्त के निर्देश पर मजिस्ट्रेट एलआरडीसी अंजना दास व बीडीओ उमेश कुमार स्वांसी की उपस्थिति में वीडियोग्राफी हुई. तीन सदस्यीय चिकित्सीय टीम ने पोस्टमार्टम किया है. इसमें डॉक्टर सुजान मुंडा, डॉक्टर पीसीके भगत व डॉक्टर शंकुतला मुरमू शामिल हैं.
