पूजा को लेकर कब्रों की सफाई शुरू

गुमला : गुमला में ईसाई मिशनरी दो नवंबर को कब्र पूजा मनायेंगे. पर्व को देखते हुए कब्रों की साफ- सफाई शुरू हो गयी है. गुमला धर्मप्रांत में 38 पल्ली है. इसके अंतर्गत 350 छोटे -छोटे चर्च हैं. इन चर्चों में 700 से अधिक कब्र है. यहां हर वर्ष दो नवंबर को कब्र पूजा मनायी जाती […]

गुमला : गुमला में ईसाई मिशनरी दो नवंबर को कब्र पूजा मनायेंगे. पर्व को देखते हुए कब्रों की साफ- सफाई शुरू हो गयी है. गुमला धर्मप्रांत में 38 पल्ली है. इसके अंतर्गत 350 छोटे -छोटे चर्च हैं. इन चर्चों में 700 से अधिक कब्र है. यहां हर वर्ष दो नवंबर को कब्र पूजा मनायी जाती है.

इसमें मृत आत्माओं के लिए विशेष प्रार्थना होती है. पर्व की तैयारी गुमला, सोसो, टुकूटोली, रामपुर, दलमदी, तुरबुंगा, अघरमा, कोनबीर नवाटोली, केमताटोली, ममरला, केउंदटोली, छत्तापहाड़, रोशनपुर, लौवाकेरा, सुंदरपुर, देवगांव, करौंदाबेड़ा, मांझाटोली, जोकारी, मुरुमकेला, टोंगो, बारडीह, चैनपुर, मालम नवाटोली, नवाडीह, कटकाही, केडेंग, परसा, भिखमपुर, रजावल, कपोडीह, डुमरपाट, डोकापाट, बनारी, विमरला व नवडीहा पल्ली में चल रही है. इस संबंध में गुमला बिशप हाउस के प्रवक्ता सह विकर जनरल फादर सीप्रियन कुल्लू ने कहा कि जो मर गये हैं, वे पहले मनुष्य थे. उनमें जीवन था. वे अपने जीवन काल में पाप किये, लेकिन ईश्वर से क्षमा नहीं मांगे.

हम उनके संतान हैं आैर हमें मृत पूर्वजों के लिए ईश्वर से माफी मांगनी होगी. इसाइयों में मान्यता है कि मृत्यु के बाद जीवन का अंत नहीं है. मरने के बाद पुनर्जन्म होता है. यह मान्यता सृष्टि के निर्माण के समय से चली आ रही है. कब्र पूजा से कब्र पवित्र स्थल होता है. मरने के बाद कोई भेदभाव नहीं रहता है. जो मर गये, वे कब्र में शांत मुद्रा में रहते हैं.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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