:11:::: : कृष्णा ने की पेट में दर्द की शिकायत

:11:::: : कृष्णा ने की पेट में दर्द की शिकायतकिसी ने कहा तुम्हें फांसी होगी तो डर से खाना-पीना छोड़ा.डॉक्टर ने कहा : गैस्टिक होने के कारण पेट में दर्द उठा है.संदर्भ : प्राचार्य डॉ शशिभूषण हत्याकांड.18 गुम 7 में पुलिस सुरक्षा में डॉक्टर के पास इलाज कराते कृष्णाप्रतिनिधि, गुमलाकेओ कॉलेज, गुमला के प्राचार्य डॉ […]

:11:::: : कृष्णा ने की पेट में दर्द की शिकायतकिसी ने कहा तुम्हें फांसी होगी तो डर से खाना-पीना छोड़ा.डॉक्टर ने कहा : गैस्टिक होने के कारण पेट में दर्द उठा है.संदर्भ : प्राचार्य डॉ शशिभूषण हत्याकांड.18 गुम 7 में पुलिस सुरक्षा में डॉक्टर के पास इलाज कराते कृष्णाप्रतिनिधि, गुमलाकेओ कॉलेज, गुमला के प्राचार्य डॉ शशिभूषण हत्याकांड के आरोपी कृष्णा उरांव पेट दर्द से परेशान है. दो दिन से उसे पेट में दर्द हो रहा है. उसे शनिवार की रात व रविवार की सुबह को पुलिस ने उसका इलाज सदर अस्पताल में कराया है. इलाज के बाद पुलिस ने पुन: उसे जेल भेज दिया है. डॉक्टरों के अनुसार : कृष्णा दो दिन से भूखा है. इसलिए गैस्टिक हो गया था. जिससे पेट में दर्द उठा है. उसकी स्थिति ठीक है. पुलिस के अनुसार किसी ने कृष्णा को कह दिया कि अब वह नहीं बचेगा.,उसे फांसी की सजा होगी. इस डर से कृष्णा दो दिन से खाना-पीना छोड़ दिया है. भूखे रहने के कारण पेट में दर्द होने की शिकायत की तो उसका इलाज अस्पताल में कराया गया. यहां बता दें कि पुलिस ने उसे दो दिन के रिमांड पर लेकर पूछताछ की. इसके बाद उसे रविवार को जेल भेज दिया गया.प्राचार्य की हत्या पैसे के लिए हुआ हैपुलिस ने रिमांड में लेकर दो दिन तक कृष्णा से पूछताछ की. कृष्णा ने पुलिस को जो बयान दिया है, उसके अनुसार वह पैसा के लिए ही प्राचार्य की हत्या की है. दूसरा कारण छात्रावास से निकाला जाना है. एसपी भीमसेन टुटी ने बताया कि कृष्णा गरीब परिवार से आता है. कॉलेज से निकाल देने के बाद व पैसा खत्म होने से वह मानसिक रूप से परेशान हो गया था. घर की स्थिति खराब है. डर से कृष्णा ने अपने पिता को छात्रावास से निकाले जाने की सूचना नहीं दी. वह चाहता था कि प्राचार्य छात्रावास में रखवाने व पैसा देने में उसकी मदद करें. जब मदद नहीं मिली तो उसने हत्या कर दी.बचने के लिए फरजी आईकार्ड बनायाकृष्णा उरांव अपने पिता पाही उरांव से डरता था. क्योंकि पाही अनपढ़ है. वह मेहनत कर अपने बेटे को पढ़ा रहा था. जब कृष्णा को कहीं कोई रास्ता नहीं सूझा, तो पहले उसने फरजी आईकार्ड बनाया. जिससे जब वह प्राचार्य पर हमला करेगा तो पुलिस उसे पकड़ेगी. अपना सही नाम व पता छिपाने के लिए उसने ऐसा किया. ताकि तब पुलिस उसे पकड़े तो परिजनों को इसकी जानकारी नहीं मिल सके. उसने फरजी आईकार्ड में अपना नाम राकेश कुजूर व पिता स्व अनिल कुजूर बताया है. पुलिस भी भ्रम में रह कर राकेश के नाम पर ही केस की है.हत्या से पहले कुछ लोगों से मिला थापुलिस जांच में पता चला है कि कृष्णा 13 अक्तूबर को अपने गांव हुरहुरिया में था. वह किसी से नहीं मिला है. 14 अक्तूबर को वह गुमला आया और तीन चार लोगों से मिला था. इसके बाद उसने हत्या की है. कृष्णा ने उन लोगों के नाम बताया है. जिसपर पुलिस अभी जांच कर रही है. कृष्णा किन लोगों से मिला था. पुलिस उनका नाम गुप्त रख कर जांच कर रही है.

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