लीड :::: 85 करोड़ का डैम, फिर भी खेत सूखे तीन हजार हेक्टेयर खेत में पानी पहुंचाने की योजना फेल17 गुम 2 में डैम के बगल में टूटा मेढ़प्रतिनिधि, गुमलागुमला से 22 किमी दूर कतरी जलाशय है. 1987 ई में 85 करोड़ रुपये से डैम बना है. तीन हजार हेक्टेयर खेत तक पानी पहुंचाने की योजना थी, लेकिन किसानों के लिए यह जलाशय बेकार साबित हो रहा है. नहर के बगल के खेत सूख गये हैं. किसान चिंता में हैं. डैम में पानी लबालब भरा है. बांयी नहर का जल निकासी केंद्र में खराबी है. दांयी नहर में भी फॉल्ट है. जिससे पानी बहुत कम नहर तक पहुंच रहा है. विभाग इसकी मरम्मत नहीं करा रहा है. जबकि हर साल मरम्मत के नाम पर 50 से 60 लाख रुपये की निकासी विभाग द्वारा की जाती है. इसबार भी 60 लाख रुपये की निकासी हुई है. लेकिन एक भी काम डैम में नहीं हुआ.सफाई का पैसा खा जाते हैं इंजीनियरजानकारी के अनुसार यहां हर साल मरम्मत के नाम पर पैसा निकलता है. इस डैम से शिवराजपुर, टोटांबी, लुटो, पनसो, भुवालटोली, सीसी, कतरी, जतराटोली व बेलागाड़ा तक नहर से पानी पहुंचाने की योजना है. नहर बनी है. नहर में झाड़ी उग आया है. मिट्टी भी भर गया है. जिससे किसानों को पानी नहीं मिल रही है. नहर की सफाई के नाम पर हर साल दस लाख रुपये खर्च होता है. पर आजतक नहर की सफाई नहीं है.तीन दिन पहले डैम से पानी छोड़ाअपरशंख डैम से पानी नहीं मिलने की खबर समाचार में छपने के बाद आनन-फानन में विभाग ने कतरी डैम से पानी छोड़ा गया है. लेकिन पानी बहुत कम नहर में है. इस कारण कोई लाभ नहीं मिल रहा है. हरि नारायण महतो, अनवर अहमद व सुखदेव उरांव ने कहा कि कतरी डैम से किसानों को लाभ नहीं मिल रहा है. इसका लाभ सिर्फ विभाग के इंजीनियर उठा रहे हैं. मेढ़ टूट गया है.भाजपा के जिला अध्यक्ष विजय कुमार मिश्रा, किसान मोरचा के अध्यक्ष सुरेश सिंह, ट्राइबल यूथ फेडरेशन के संयोजक कृष्णा उरांव, छोटे सोनी व राजकुमार दिनबंधु अादि ने भी डैम का निरीक्षण किया है.
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लीड :::: 85 करोड़ का डैम, फिर भी खेत सूखे तीन हजार हेक्टेयर खेत में पानी पहुंचाने की योजना फेल17 गुम 2 में डैम के बगल में टूटा मेढ़प्रतिनिधि, गुमलागुमला से 22 किमी दूर कतरी जलाशय है. 1987 ई में 85 करोड़ रुपये से डैम बना है. तीन हजार हेक्टेयर खेत तक पानी पहुंचाने की […]
