जिला राजी पड़हा की बैठक सेन्हा/ लोहरदगा. 12 पड़हा सेन्हा अंतर्गत नौदी ग्राम मे बैठक चैतू मुंडा की अध्यक्षता में हुई. बैठक में जिला राजी पड़हा बेल लक्ष्मी नारायण भगत, चैतू उरांव, गोसाई भगत उपस्थित थे. बैठक में पड़हा का पुनर्गठन किया गया. 12 गांवों के पाहन, पुजार, महतो की भूमिका व कार्य पर चर्चा की गयी. मौके पर श्री भगत ने कहा कि सबसे पुरानी व्यवस्था पड़हा है. यही पुराना शासन व्यवस्था था. इसी के तहत लोगों के समस्याओं का समाधान होता था. उन्हेांने पड़हा समाज को और मजबूत करने की बात कही. आज पड़हा के से समाज को शक्ति मिलता है. पड़हा व्यवस्था की मजबूती से लोगों को कोर्ट कचहरी से मुक्ति मिलेगी. आज गांव में शिक्षा का स्तर को उंचा उठाने की जरूरत है. अंधविश्वास को दूर कर देश के विकास के साथ साथ हाथ मिलाकर समाज का विकास करना होगा. उन्होंने लोगों से सूखे से निपटने की बात कही. मौके पर गंगा उरांव, रंथू उरांव, मंगरा उरांव,चरवा उरांव, चमरा उरांव, सोमे उरांव, विपता उरांव, एतवा उरांव, जगदेव मुंडा, वीरी उरांव, मंगरु पहान, प्रमिला उरांव, कमला उरांव, करमी उरांव, अनिता कुमारी सहित कई गांव के लोग मौजूद थे.
जिला राजी पड़हा की बैठक
जिला राजी पड़हा की बैठक सेन्हा/ लोहरदगा. 12 पड़हा सेन्हा अंतर्गत नौदी ग्राम मे बैठक चैतू मुंडा की अध्यक्षता में हुई. बैठक में जिला राजी पड़हा बेल लक्ष्मी नारायण भगत, चैतू उरांव, गोसाई भगत उपस्थित थे. बैठक में पड़हा का पुनर्गठन किया गया. 12 गांवों के पाहन, पुजार, महतो की भूमिका व कार्य पर चर्चा […]
