गुमला : केओ कॉलेज, गुमला के प्रभारी प्राचार्य डॉ शशिभूषण की हत्या का आरोपी कृष्णा उरांव ने अगर मुंह खोला, तो कई राज खुलेंगे. लेकिन वह मुंह खोल नहीं रहा. बस वह छात्रावास के छात्रों के दबाव, 8500 रुपये का गबन व छात्रावास से निष्कासन से आक्रोश में आकर हत्या करने की बात कह रहा है. हालांकि पुलिस इस बिंदु पर जांच कर रही है. लेकिन अभी तक पुलिस मामले की तह तक नहीं पहुंच पायी है.
ऐसे पुलिस अपनी ओर से पूरा प्रयास कर रही है कि प्राचार्य हत्याकांड के पीछे अगर किसी का हाथ है, तो उसका उद्भेदन जल्द हो. पुलिस ने आरोपी कृष्णा उरांव को शुक्रवार को दो दिनों के रिमांड पर लिया है. पुलिस को विश्वास है कि इन दो दिनों के रिमांड में जरूर आरोपी से हत्याकांड के राज मिलेगा. पुलिस ने शुक्रवार रात से आरोपी से पूछताछ शुरू कर दी है. बता दे कि कृष्णा को पुलिस ने हत्याकांड के तुरंत बाद छात्रावास से गिरफ्तार किया था. इसके बाद गुरुवार को मेडिकल कराने के बाद जेल भेज दिया. कृष्णा जेल में एक रात गुजारा ही था कि पुलिस ने उसे दो दिन के रिमांड पर ले लिया. इससे स्पष्ट होता है कि गुमला एसपी भीमसेन टुटी खुद इस केस में गंभीर है.
वे चाहते हैं कि हत्याकांड का उद्भेदन पारदर्शी ढंग से हो. प्राचार्य की हत्या में जो भी शामिल हैं. सभी पकड़े जाये. ऐसे पुलिस के अनुसंधान में अभी तक सिर्फ एक आरोपी कृष्णा उरांव है. बैठक में क्या हुआ था!12 अक्तूबर को छात्रावास में बैठक हुई थी. जिसमें सभी छात्र उपस्थित थे. उस बैठक में कृष्णा को भी बुलाया गया था. क्योंकि वह छात्रावास का पूर्व प्रिफेक्ट था और रसोई का 8600 रुपये उसके पास बकाया था. बताया जा रहा है कि बैठक में 65 छात्रों का हस्ताक्षर रजिस्टर में हुआ था. उसमें कृष्णा का भी हस्ताक्षर है. जिसमें उसे निकालने की बात का जिक्र है.
अभी रजिस्टर पुलिस के कब्जे में है. लेकिन कृष्णा का जो बयान आ रहा है. उस पर गौर करें तो बैठक में और कुछ हुआ था. जो अभी तक सामने खुलकर नहीं आया है. उस बैठक के बारे में सिर्फ कृष्णा ही बता सकता है. लेकिन वह किसी का नाम न लेकर पूरे छात्रावास के छात्रों पर दबाव देने की बात कर रहा है.
इस विषय में पुलिस जांच कर रही है.प्राचार्य बनने को कोई तैयार नहींडॉ शशिभूषण की हत्या व पूर्व में कॉलेज के कुछ प्राचार्य के साथ हुई घटनाओं के कारण अब कोई भी सीनियर शिक्षक प्राचार्य बनने को तैयार नहीं है. ऐसे अभी प्रोफेसर जीतवाहन बड़ाइक कामकाज देख रहे हैं. क्योंकि वे सीनियर हैं. इसके बाद प्रोफेसर एजे खलखो भी हैं. लेकिन कोई प्राचार्य बनने को तैयार नहीं है. क्योंकि इस प्रकार की घटना से सभी डरे हुए हैं.
आरोपी कृष्णा उरांव को दो दिनों के रिमांड पर लिया गया है. पूछताछ के बाद ही और कुछ जानकारी मिलेगी.रंजीत सिन्हा, थानेदार, गुमला
