29 गुम 4 में शिशु के साथ परिजनप्रतिनिधि, गुमलासरकार द्वारा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है. जिसमें ममता वाहन, मुख्यमंत्री जननी सुरक्षा योजना है. लेकिन संस्थागत प्रसव के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता का अभाव है. जिसके कारण कई गर्भवती व धातृ माताओं को अपनी जान से हाथ धोना पड़ रहा है. ऐसा ही मामला सिसई के नगर चट्टाईनटोली गांव में सामने आया है. गांव की सुनीता देवी (30) की मौत शुक्रवार को सदर अस्पताल में हो गयी. घटना के संबंध में मृतका के पति किशुन लोहरा ने बताया कि एक सप्ताह पूर्व उसकी पत्नी की डिलीवरी गांव में हुई थी. डिलीवरी के उपरांत उसके पेट में निरंतर दर्द की शिकायत थी. गांव में झाड़ फूंक सहित अन्य उपाय करने के बाद भी कुछ नहीं हुआ, तो शुक्रवार को सदर अस्पताल में भरती किये. जहां इलाज के क्रम में उसकी मौत हो गयी. इस संबंध में महिला चिकित्सक डॉक्टर आशा एक्का ने बताया कि प्रसव कराने में कई सावधानियां बरतनी पड़ती है. लेकिन गांव में हुए प्रसव में पेंटोसाइटिस (प्रसव के रास्ते में इंफेक्शन) होने के कारण मृतका को पेट में दर्द हो रहा था. इलाज सही समय में होता, तो ठीक हो सकती है. इलाज में देर होने के कारण मौत हो गयी.
शिशु के जन्म देने के बाद मां की मौत
29 गुम 4 में शिशु के साथ परिजनप्रतिनिधि, गुमलासरकार द्वारा संस्थागत प्रसव को बढ़ावा देने के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही है. जिसमें ममता वाहन, मुख्यमंत्री जननी सुरक्षा योजना है. लेकिन संस्थागत प्रसव के प्रति ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता का अभाव है. जिसके कारण कई गर्भवती व धातृ माताओं को अपनी जान से […]
