प्रतिनिधि, गुमलागुमला जिले के इतिहास में यह पहली घटना है. जब कोई बड़ा अपराधी गलती करने के बाद परचा फेंक कर माफी मांगा है. साथ ही ग्रामीणों से बकरा व मुर्गा नहीं चराने की गुहार लगायी है. बता दें कि रायडीह प्रखंड के लसड़ा गांव स्थित राजकीयकृत मध्य विद्यालय के दो शिक्षकों से झारखंड कोबरा टाइगर के अपराधियों ने एक-एक लाख रुपये की लेवी की मांग की थी. लेवी नहीं देने पर जान से मारने की धमकी दी थी. धमकी के बाद से शिक्षक सुमन पीटर कुजूर व नीलम उषा मिंज स्कूल जाना बंद कर दिये थे. जिससे पांच दिनों से स्कूल बंद है. इससे स्कूल में अध्ययरत छात्रों के भविष्य पर सवालिया निशान लग गया है. स्कूल बंद होने के बाद गुरुवार को ग्रामीणों ने गांव में बैठक कर अपनी सुरक्षा में स्कूल चलाने का निर्णय लिया था. साथ ही शिक्षकों से बेखौफ स्कूल आने की अपील की थी. बैठक में ग्रामीणों ने यह भी कहा था कि अपराधियों को पकड़ने के लिए भगत द्वारा बकरा व मुर्गा छोड़ कर काटा जायेगा. जिससे अपराधी खुद-ब-खुद मर जायेंगे. जब अपराधियों को पता चला कि गांव के लोग बकरा व मुर्गा काटने वाले हैं तो अपराधियों ने दूसरे दिन ही स्कूल में एक परचा फेंका. जिसमें अपराधियों ने लिखा है कि हम से गलती हो गयी है. अब शिक्षकों से लेवी नहीं मांगेंगे और न ही धमकी देंगे. अपराधियों ने ग्रामीणों से बकरा व मुर्गा नहीं चराने व काटने की गुहार लगायी है. यह जानकारी रायडीह पुलिस को मिली है. परंतु परचा अभी तक पुलिस को सौंपा नहीं गया है. इधर, अपराधियों द्वारा माफी मांगे जाने के बाद ग्रामीणों ने शिक्षकों से स्कूल आकर खोलने व बच्चों को पढ़ाने की अपील की है.
अपराधियों ने परचा फेंक कर मांगी माफी
प्रतिनिधि, गुमलागुमला जिले के इतिहास में यह पहली घटना है. जब कोई बड़ा अपराधी गलती करने के बाद परचा फेंक कर माफी मांगा है. साथ ही ग्रामीणों से बकरा व मुर्गा नहीं चराने की गुहार लगायी है. बता दें कि रायडीह प्रखंड के लसड़ा गांव स्थित राजकीयकृत मध्य विद्यालय के दो शिक्षकों से झारखंड कोबरा […]
