रायडीह प्रखंड के खटखोर गांव की दो लड़कियां गायब
दुजर्य पासवान
गुमला : हुजूर मेरी बेटी को वापस ला दीजिए. उसकी याद आ रही है. घर वाले लाडली बेटी को देखना चाह रहे हैं. चार साल से गायब है. यह दर्द एक पिता का है, जो चार साल से अपनी बेटी के आने का इंतजार कर रहा है.
रायडीह प्रखंड के खटखोर गांव निवासी पीटर खाखा बुधवार को सीडब्ल्यूसी कार्यालय गुमला पहुंचा. उसने एक ज्ञापन सौंपा. जिसमें कहा है कि उसकी बेटी रोस खाखा वर्ष 2010 के नवंबर महीने से गायब है. उसे गांव की ही मरियानी लकड़ा ठग कर दिल्ली ले गयी और बेच दी है.
रोस के दिल्ली में बेचे जाने के बाद कई बार पीटर ने मरियानी से अपनी बेटी को वापस लाने की गुहार लगाया. परंतु हर बार वह टाल मटोल करते रही. पीटर ने कहा है कि अब चार साल हो गया. बेटी को देखने की इच्छा है. घर वाले भी उसे देखना चाह रहे हैं. परंतु उसका कहीं पता नहीं चल रहा है.
खटखोर गांव के ही प्रदीप इंदवार ने भी सीडब्ल्यूसी की अध्यक्ष तागरेन पन्ना को एक ज्ञापन सौंपा है. जिसमें उसने कहा है कि उसकी बेटी तेरेसा इंदवार को गांव के ही छोटू लोहरा दिल्ली में ले जाकर बेच दिया है. कई बार छोटू से तेरेसा को दिल्ली से वापस लाने की गुहार लगाया. परंतु उलटे छोटू उसे धमकी देता है. प्रदीप ने कहा कि उसकी बेटी 15 अगस्त से गायब है. दोनों लड़कियां स्कूल में पढ़ती थी. अचानक दोनों गायब हुए हैं. जब लड़कियां गायब हो गयी तब परिजनों को पता चला कि उन्हें दिल्ली में ले जाकर बेचा गया है.
गरीबी का गलत फायदा उठाया
सीडब्ल्यूसी के सदस्य संजय भगत व अलख सिंह ने बताया कि लड़कियों के पिता से पूछताछ में पता चला है कि प्रलोभन देकर लड़कियों को दिल्ली ले जाया गया है. ये लोग गरीब हैं. जिसका गलत फायदा दलालों ने उठाया है.
दोनों लड़कियों को संभवत: दिल्ली में ले जाकर बेचा गया है. इस संबंध में दोनों के पिता ने लिखित कंपलेन किया है. पुलिस के सहयोग से पहले दलालों को पकड़ा जायेगा. इसके बाद लड़कियों का पता कर उसे वापस लाने की पहल की जायेगी.
तागरेन पन्ना, अध्यक्ष, सीडब्ल्यूसी
