गुमला : बंद रहीं दो हजार दुकानें, बसें भी नहीं चली

गुमला : उग्रवादी संगठन पीएलएफआइ के बंद के एलान के कारण सोमवार को गुमला में दो हजार से अधिक दुकानें बंद रही. शहर से गांव तक सन्नाटा रहा. 150 बसों के पहिये थमे रहे. बॉक्साइट उद्योग पर भी असर पड़ा. बंद से लगभग एक करोड़ रुपये का व्यवस्था प्रभावित हुआ. हालांकि बंद के दौरान कहीं […]

गुमला : उग्रवादी संगठन पीएलएफआइ के बंद के एलान के कारण सोमवार को गुमला में दो हजार से अधिक दुकानें बंद रही. शहर से गांव तक सन्नाटा रहा. 150 बसों के पहिये थमे रहे.
बॉक्साइट उद्योग पर भी असर पड़ा. बंद से लगभग एक करोड़ रुपये का व्यवस्था प्रभावित हुआ. हालांकि बंद के दौरान कहीं से अप्रिय घटना की सूचना नहीं है. कामडारा, बसिया व सिसई इलाके में पुलिस अलर्ट रही.
पीएलएफआइ ने सबजोनल कमांडर शशि भूषण झोरा की हत्या के खिलाफ बंद की घोषणा की थी. शशि भूषण बसिया प्रखंड का रहनेवाला था. दो जनवरी को पुलिस ने डुको सिकवार टोली के समीप कोयल नदी से उसका शव बरामद किया था. सोमवार को परिजनों ने शव की पहचान की. शशि की हत्या कैसे हुई और किसने की, इसका पता नहीं चला है. शशि भूषणपर कई मामले दर्ज थे. गत तीन नवंबर को मुरगीकोना में सात लोगों की हत्या में वह शामिल था.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Read More

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >