गुमला दुर्जय पासवान की रिपोर्ट
गुमला. गुमला जिले की शैक्षणिक व्यवस्था में लापरवाही पर प्रशासन सख्त है. 1400 से अधिक मामलों में कार्रवाई के निर्देश दिया गया है. गुमला जिले की शैक्षणिक व्यवस्था पर गुमला के उपायुक्त दिलेश्वर महतो, उप विकास आयुक्त अनिमेष रंजन एवं जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो के संयुक्त हस्ताक्षर से जारी पत्र ने काम नहीं करने वाले अधिकारियों में हड़कंप है. जिले के वरीय अधिकारियों ने लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए संबंधित शिक्षकों, प्रधानाध्यापकों एवं अन्य कर्मियों से स्पष्टीकरण मांगने तथा वेतन-मानदेय स्थगन सहित नियमानुसार कार्रवाई के निर्देश दिये हैं. जिला प्रशासन के निर्देशों से स्पष्ट है कि शैक्षणिक कार्यों में लापरवाही, विद्यार्थियों की उपस्थिति, ऑनलाइन रिकॉर्ड, छात्र प्रोफाइल तथा विद्यालय स्तर की अन्य गतिविधियों में अनियमितता को अब गंभीरता से लिया जायेगा और जिम्मेदार पदाधिकारियों एवं कर्मियों की जवाबदेही तय कर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
प्रशासन के प्रमुख निर्णय एवं कार्रवाई
1. 1400 से अधिक मामलों में मांगा गया स्पष्टीकरण
1400 से अधिक लापरवाही के मामलों में संबंधित शिक्षक एवं प्रधानाध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा गया है. इसके बाद वेतन अथवा मानदेय स्थगन सहित अन्य नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
2. एमआइएस प्रभारी को अनुपालन की जिम्मेदारी
झारखंड शिक्षा परियोजना, गुमला के एमआइएस प्रभारी को सभी निर्णयों के अनुपालन के लिए जिम्मेदार बनाया गया है. उन्हें संबंधित शिक्षकों एवं अन्य कर्मियों की सूची तैयार कर अग्रेतर कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है.
3. लापरवाही करने वालों पर होगी कड़ी कार्रवाई
लापरवाही के लिए चिन्हित सभी शिक्षकों एवं कर्मियों से स्पष्टीकरण लेते हुए वेतन अथवा मानदेय स्थगन सहित कड़ी कार्रवाई की जायेगी.
4. 16 स्कूलों में जुलाई में एक दिन भी ऑनलाइन उपस्थिति नहीं
जिले के 16 विद्यालयों में जुलाई माह के दौरान एक दिन भी ई-विद्यावाहिनी पर विद्यार्थियों की ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं की गयी है. यह बड़ी लापरवाही सामने आयी है.
5. 73 शिक्षकों ने एक दिन भी दर्ज नहीं की ऑनलाइन उपस्थिति
जुलाई माह में 73 शिक्षकों ने ई-विद्यावाहिनी पर एक भी दिन ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं की गयी है. प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया है.
6. 208 शिक्षकों ने आउट टाइम दर्ज नहीं किया
208 शिक्षकों ने विद्यालय आने के समय ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की, लेकिन विद्यालय छोड़ते समय दोबारा उपस्थिति दर्ज कर आउट टाइम अंकित नहीं किया है.
7. 258 शिक्षकों की दूसरे स्थान से उपस्थिति
ऑनलाइन आंकड़ों के अनुसार 258 शिक्षकों द्वारा विद्यालय परिसर के बजाय अन्य स्थानों से ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज किये जाने का मामला सामने आया है. जो बड़ी लापरवाही है.
8. 824 विद्यालयों में छात्र प्रोफाइल अधूरा
जिले में संचालित 1784 विद्यालयों में से केवल 960 विद्यालयों में विद्यार्थियों का छात्र प्रोफाइल पूर्ण रूप से अद्यतन पाया गया. इस प्रकार 824 विद्यालयों में छात्र प्रोफाइल अधूरा पाया गया.
9. 114 में सिर्फ 76 स्कूलों ने कराया रेल टेस्ट
जिले के 114 सरकारी माध्यमिक विद्यालयों में से केवल 76 विद्यालयों ने रेल टेस्ट कराकर विद्यार्थियों का परिणाम ऑनलाइन किया. कुछ पीएमश्री विद्यालय, उत्कृष्ट विद्यालय एवं प्रखंड आदर्श विद्यालय भी इस मामले में लापरवाही की श्रेणी में पाये गये.
10. कई शैक्षणिक कार्यों में लापरवाही पर जवाब-तलब
विद्यार्थी एवं शिक्षक उपस्थिति, छात्र प्रोफाइल, रेल टेस्ट, विभाजित पाठ्यक्रम, मध्याह्न भोजन, अपार, आधार सहित विभिन्न शैक्षणिक कार्यों में लापरवाही को गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार मानते हुए संबंधितों से कड़ा स्पष्टीकरण मांगा गया है.
11. दो करोड़ से अधिक की असमायोजित राशि की होगी वसूली
दो करोड़ से अधिक की असमायोजित राशि की वसूली होगी. यहां बता दें कि वर्षों से दो करोड़ रुपये से अधिक की राशि का समायोजन नहीं होने के मामले में राशि की वसूली के लिए प्रमाण-पत्र वाद दायर करने सहित कानूनी प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया गया है.
12. पिछड़े प्रखंडों को चेतावनी, प्रदर्शन सुधारने का निर्देश
विभिन्न शैक्षणिक सूचकांकों में पीछे चल रहे प्रखंडों को चिन्हित कर चेतावनी दी गयी है. उन्हें प्रदर्शन में सुधार लाने का निर्देश दिया गया है. मध्याह्न भोजन की गुणवत्ता, दैनिक छात्र उपस्थिति एवं एसएमएस रिपोर्ट को अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करने को कहा गया है.
13. समीक्षा से 10 दिन पहले साझा होगी रिपोर्ट
उपायुक्त की अगली समीक्षा बैठक से कम से कम 10 दिन पहले समीक्षा से संबंधित रिपोर्ट सभी प्रखंडों के साथ साझा की जायेगी. ताकि संबंधित पदाधिकारी समय रहते आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई कर सकें.
14. लापरवाही पर सभी स्तरों पर होगी सख्त कार्रवाई
विद्यालयों में शिक्षण कार्य, ई-विद्यावाहिनी, यू-डायस, छात्र प्रोफाइल सहित अन्य शैक्षणिक कार्यों तथा संकुल एवं प्रखंड स्तर पर अनुश्रवण में लापरवाही पाये जाने पर सभी स्तरों पर सख्त कार्रवाई की जायेगी.
15. कोषागार पदाधिकारी को भी भेजी गयी आदेश की प्रति
अधिकारियों के निर्देशों के अनुपालन के लिए संबंधित जिला एवं प्रखंड स्तरीय शिक्षा पदाधिकारियों के साथ जिला कोषागार पदाधिकारी को भी आदेश की प्रतिलिपि भेजी गयी है.
