उच्च न्यायालय के आदेश के बाद तत्कालीन डीसी ने आदिवासी परिवार को जमीन पर दखल दिलवायी थी
एसटी/एससी थाना में प्राथमिकी दर्ज, बेटी व पिता का कपड़ा फाड़ कर अपमानित करने का लगाया गया आरोप
गुमला : पालकोट थाना के कोलेंग मटुकडीह निवासी पोकली खड़ियाइन व उसके 68 वर्षीय पिता भादो खड़िया को उसकी ही जमीन से गैरकानूनी ढंग से बेदखल करने व बाप-बेटी का कपड़ा फाड़ कर अपमानित करने का मामला प्रकाश में आया है. इस संबंध में पीड़िता ने कोर्ट में दायर किये गये परिवाद के बाद कोर्ट के निर्देश पर एसटी/एससी थाना में गुरुवार 13 फरवरी को प्राथमिकी दर्ज करायी.
इसमें गांव के प्रदीप साहू, रूपधारी साहू, हरि साहू, देवेंद्र साहू, खिलेश्वर साहू व राम साहू को आरोपी बनाया गया है. दर्ज केस में कहा गया है कि उक्त जमीन पर उच्च न्यायालय के आदेश पर गुमला के तत्कालीन उपायुक्त के निर्देश से वर्ष 2004 में पोकली खड़ियाइन व उसके पिता भादो खड़िया को दखल-दिहानी दिलायी गयी थी. इसके बावजूद सभी छह लोगों ने उस जमीन से बाप-बेटी को बेदखल करते हुए अपमानित किया था. इसके बाद पोकली खड़ियाइन ने गुमला कोर्ट में गांव के ही प्रदीप साहू, रूपधारी साहू, हरि साहू, देवेंद्र साहू, खिलेश्वर साहू व राम साहू पर धोखाधड़ी कर जमीन पर कब्जा करने व कपड़ा फाड़ कर जाति सूचक गाली-गलौज करते हुए अपमानित करने का परिवाद दायर की थी.
इसके बाद गुमला कोर्ट के आदेश पर गुमला के एससी-एसटी थाना में उपरोक्त लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गयी है. दर्ज प्राथमिकी के अनुसार आवेदक पोकली खड़ियाइन की रैयत जमीन पर पूर्व से आरोपियों से विवाद चल रहा था.
गुमला उपायुक्त ने 11 मार्च 2003 को टाना भगत लैंड रेस्टोरेंशन में उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में आवेदक के पिता भादो खड़िया के पक्ष में दखल-दिहानी करने का आदेश दिये थे. इसके बाद पालकोट सीओ ने 19 जनवरी 2004 को पोकली खड़ियाइन के पिता भादो खड़िया को दखल-दिहानी दिलायी थी. इसके बाद आरोपियों द्वारा उक्त जमीन पर डरा-धमका कर कब्जा कर लिया गया.
इसका विरोध करने पर आरोपियों ने दो नवंबर 2019 को पोकली खड़ियाइन के घर हरवे-हथियार लेकर पहुंच गये और जाति सूचक गाली देते हुए पोकली खड़ियाइन व उसके वृद्ध पिता भादो खड़िया का कपड़ा फाड़ कर नंगा कर अपमानित किया था. घटना के बाद पीड़िता व उसके वृद्ध पिता के पालकोट थाना जाने पर थाना में न्यायालय के माध्यम से केस करने की बात कही गयी थी.
