डीसी ने कहा : नगर परिषद के हवाले बाजार टांड़ को करेंगे, तो ठीक से होगी देखरेख
गुमला : गुमला शहर स्थित बाजार टांड़ के दिन बहुरने की उम्मीद है. अब इसे नगर परिषद के जिम्मा में दिया जायेगा. इसके लिए प्रशासनिक प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. अभी बाजार टांड़ की देखरेख कृषि बाजार समिति गुमला कर रही है, लेकिन कृषि बाजार समिति सिर्फ बाजार टांड़ से लाखों रुपये राजस्व प्राप्त कर रही है.
उसकी देखरेख सही ढंग से नहीं कर पा रही है. आये दिन बाजार टांड़ की समस्याओं को लेकर किसान व दुकानदार हल्ला करते रहते हैं. यहां तक कि बाजार टांड़ के आसपास रहने वाले लोग भी बाजार टांड़ की गंदगी को लेकर परेशान रहते हैं. बाजार टांड़ आये लोगों को बदबू से दो-चार होना पड़ता है.
इन्हीं समस्याओं को देखते हुए अब बाजार टांड़ को गुमला नगर परिषद को सौंपने पर विचार हुआ है. अगर नगर परिषद के हवाले बाजार टांड़ हो जायेगा, तो इसकी देखरेख ठीक ढंग से होगी. नगर परिषद के पास अपने सफाई कर्मी हैं, जो बाजार टांड़ की हर रोज सफाई करेंगे. गुमला डीसी शशि रंजन ने कहा है कि बाजार टांड़ को नगर परिषद को हैंडओवर करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है.
बहुत जल्द बाजार टांड़ नगर परिषद के जिम्मे में होगा, जिससे उसकी देखरेख सही तरीके से हो सके. डीसी ने राजस्व वसूली पर चिंता भी चिंता प्रकट की है. ज्ञात हो कि बाजार टांड़ से 2015 तक 13 लाख रुपये राजस्व की प्राप्ति होती थी, परंतु 2015 के बाद तीन से चार लाख रुपये तक ही राजस्व मिल रहा है.
गुमला बाजार टांड़ की समस्या को लेकर प्रभात खबर ने प्रमुखता के साथ समाचार प्रकाशित किया है. इसके बाद गुमला डीसी ने बाजार टांड़ की देखरेख के लिए उसे नगर परिषद के जिम्मे में देने की बात कही है. ज्ञात हो कि नगर परिषद में 110 दुकान भी है, जो भाड़े में चल रही है. दुकानों की भी देखरेख ठीक से नहीं होने के कारण वह बेकार होती जा रही है, फिलहाल में 25 दुकान बेकार हो गयी है, जिसका उपयोग नहीं हो रहा है.
