दुर्जय पासवान, गुमला
गुमला सदर अस्पताल में मारपीट में घायल युवक टोटो निवासी गजेंद्र गोसाई को चार माह पूर्व एक्सपायर हुआ स्लाइन चढ़ाया गया है. गजेंद्र के साथियों को जब पता चला कि एक्सपायरी स्लाइन चढ़ाया गया है तो हंगामा शुरू कर दिया. हंगामा के बाद नर्स ने तुरंत स्लाइन बदला और दूसरा स्लाइन घायल मरीज को चढ़ाया गया. एक्सपायरी स्लाइन कहां से आया. अस्पताल प्रबंधन जानकारी नहीं दे पा रहा है.
यहां तक कि घायल मरीज को एक्सपायरी स्लाइन चढ़ाने के बाद अस्पताल की नर्से एक दूसरे पर स्लाइन चढ़ाने का आरोप लगाती रहीं. करीब डेढ़ घंटे तक अस्पताल में हंगामा हुआ. डॉक्टर मनोज सुरीन ने लोगों को शांत कराया. डॉक्टर ने हंगामा कर रहे लोगों से कहा कि एक्सपायरी स्लाइन चढ़ाने से शरीर को कुछ नुकसान नहीं होता है. बल्कि इस पानी की जो कार्य करने की क्षमता रहती है. वह कम हो जाती है.
उन्होंने कहा कि अस्पताल में आज ही स्लाइन की नयी पेटियां मंगायी गयी हैं. यह एक मात्र स्लाइन की बोतल है, जो कहां से आयी. यह पता नहीं चला है. वरीय अधिकारियों को सूचना दे दी गयी है. वे अपने स्तर से जांच करायेंगे.
सीएस मामले की जांच कराये : मनोज
घायल युवक का साथी मनोज कुमार वर्मा ने बताया कि पटेल चौक के पास कुछ युवकों ने गजेंद्र पर जानलेवा हमला किया था. उसे किसी प्रकार बचाकर अस्पताल लाया गया. गंभीर स्थिति को देखते हुए साढ़े पांच बजे डॉक्टर ने जांच के बाद स्लाइन चढ़ाने के लिए कहा. लेकिन अस्पताल की नर्स ने एक्सपायरी स्लाइन चढ़ा दी. हंगामा के बाद स्लाइन की बोतल बदली गयी. मनोज ने कहा कि एक्सपायरी स्लाइन कहां से आया है. इसकी जांच होनी चाहिए.
गुमला के डीएस डॉ आरएन यादव ने कहा कि एक्सपायरी स्लाइन की बोतल चढ़ाया गया है. यह जांच का विषय है. हालांकि घायल को ज्यादा पानी नहीं चढ़ाया गया है. एक्सपायरी पानी चढ़ने से शरीर को कोई नुकसान नहीं होगा. बल्कि क्षमता घट जाती है. फिर भी एक्सपायरी स्लाइन के मामले की जांच करायी जायेगी.
