गुमला : डीसी साहब, मेरा शराब वापस करा दीजिए. उत्पाद विभाग मेरे घर से चार बोतल शराब उठा कर ले आया है और अवैध शराब बिक्री का झूठा केस कर दिया है. जबकि मैं रांची के कैंटीन से चार बोतल शराब खरीद कर खुद व परिवार के सदस्यों के पीने के लिए लाया था. यह कहना भूतपूर्व सैनिक विनोद मिंज का है.
विनोद मिंज गुमला शहर से तीन किमी दूर करमडीपा निवासी है. करमडीपा में ही विनोद ने भूतपूर्व सैनिक ढाबा खोला है. विनोद मंगलवार को डीसी के जनता दरबार में पहुंच कर आवेदन सौंपा है. आवेदन में उन्होंने कहा है कि उत्पाद विभाग का विकास कुमार निराला उसके घर गया था, जहां से चार बोतल शराब उठा कर ले आया है.
इसके बाद दुकान में शराब बेचने की बात कह कर केस कर दिया है. विनोद ने कहा है कि वह हर महीने रांची के कैंटीन से चार बोतल शराब खरीद कर खुद के उपयोग के लिए लाता है. भूतपूर्व सैनिक विनोद मिंज ने बताया कि मैं अपनी पत्नी व पूरे परिवार के साथ सिसई रोड करमडीपा में रहता हूं. होटल व्यवसायी हूं. 10 मई को लगभग तीन बजे रात्रि में मेरी अनुपस्थिति में विकास कुमार निराला नामक व्यक्ति खाने के बहाने होटल खुलवा कर मेरी पत्नी से अभद्र व्यवहार किया. साथ ही मुझपर शराब बेचने का झूठा आरोप लगाया. मेरे होटल में चार शराब की बोतल थी, जो मैंने कैंटीन से खरीदा थी, उसका बिल भी दिखाया.
जिसे उनलोगों ने फाड़ दिया तथा मुझपर कार्रवाई भी कर दी गयी है. उन्होंने उपायुक्त से उक्त मामले में इंसाफ के लिए अनुरोध किया. विनोद की बात सुनने के बाद डीसी शशि रंजन ने कहा कि मैं इस मामले की जांच करा लेता हूं. डीसी के जनता दरबार में अरमई गांव निवासी विवेक जायसवाल ने जाति प्रमाण-पत्र निर्गत करने के संदर्भ में अनुरोध किया है. उपायुक्त को दिये आवेदन में उन्होंने बताया कि मेरा चयन बैंक आॅफ बड़ौदा में मैनेजर के पद पर हो गया है.
मैं अन्य पिछड़ी जाति का सदस्य हूं. मैंने अंचल अधिकारी गुमला को आवेदन दिया है, परंतु वहां से जायसवाल जाति का प्रमाण-पत्र निर्गत किया गया है, लेकिन जायसवाल जाति का प्रमाण-पत्र सेंट्रल में मान्य नहीं हो रहा है. उन्होंने कहा कि अंचल अधिकारी से कलवार जाति का प्रमाण-पत्र मांगने पर वह आपत्ति जता रहे हैं. उन्होंने अपनी समस्या उपयुक्त को बताते हुए समस्या के समाधान की गुहार लगायी है. इसपर डीसी ने कहा है कि मैं सीओ से बात कर समस्या दूर करता हूं.
इसके अलावा जनता दरबार में कई अन्य फरियादियों ने अपनी-अपनी समस्या से उपायुक्त को अवगत कराया है एवं उचित न्याय दिलाने की गुहार लगायी है. एक मामले में महिला ने अपने बीमार पति के इलाज कराने की मांग की. वहीं एक महिला ने राशन कार्ड में अपने पति व अपना नाम चढ़वाने की गुहार लगायी है.
टोटो की अनीसा खातून ने डीसी से गुहार लगाते हुए बस का पास बनवाने की मांग की है, जिससे वह बस में नि:शुल्क सफर कर सके. अनीसा दिव्यांग है. वह चलने में असमर्थ है. उसने कहा कि बेटी का घर छत्तीसगढ़ राज्य में है. मैं गरीब हूं. बेटी से मिलने जाने पर बस भाड़ा लगता है. अगर डीसी साहब के माध्यम से बस पास बन जाये, तो मैं आसानी से बेटी से मिलने उसके घर जा सकता हूं.
