डेढ़ घंटे तक शहर में हर जगह जाम लगा रहा
गुमला : दिन : मंगलवार, समय : दिन के 11.50 से 1.25 तक. तापमान 40 डिग्री सेल्सियस. धूप तेज. पांच मिनट इस तेज धूप में खड़ा हो पाना मुश्किल है, लेकिन मंगलवार को इतनी तेज धूप में लोग शहर की मुख्य सड़कों पर रेंगते नजर आये. कारण, गुमला शहर की ट्रैफिक व्यवस्था चरमरा गयी थी. सिसई रोड गांधी नगर मोड़ से लेकर टावर चौक, मेन रोड, पटेल चौक व जशपुर रोड को-ऑपरेटिव बैंक तक वाहनों की लंबी कतार लगी हुई थी. नेशनल हाइवे-43 व 78 होने के कारण बड़े वाहनों का सड़क पर अधिक दबाव था. जिस कारण करीब एक किमी तक वाहनों की कतार लगी हुई थी.
आधा दर्जन बसें भी जाम में फंसी हुई थी. कई टेंपो में स्कूली बच्चे बैठे हुए थे. जाम में वे भी फंसे हुए थे. बाइक व साइकिल चालक जिधर जगह मिल रही थी, उस गली से सरपट निकल रहे थे. पैदल चलने वाले बड़ी मुश्किल से सड़कों से गुजर रहे थे. मेन रोड में हर एक वाहन रेंगता नजर आया. जानकारी के अनुसार, टावर चौक के पास पालकोट रोड, सिसई रोड, थाना रोड व मेन रोड में वाहनों के प्रवेश को लेकर कई वाहन आड़े तिरछे खड़े हो गये.
इसके बाद एक-एक कर वाहनों की लंबी कतार लग गयी और जाम का रूप ले लिया. मंगलवार साप्ताहिक बाजार होने के कारण कई टेंपो चालक अपने वाहनों को सड़क के किनारे खड़ा कर दिया था, जिस कारण जाम विकराल रूप ले लिया. जाम के दौरान शहर के कई बड़े स्कूलों की छुट्टी हुई, जिससे बच्चे भी परेशान रहे. लोगों ने कहा कि अगर ट्रैफिक पुलिस सुस्त रहेगी ,तो इसी प्रकार जाम लगेगा. मिशन बदलाव के भूषण भगत ने कहा कि बाइपास सड़क अधूरी है.
जल्द बने, इसके लिए न तो सांसद, विधायक और न ही प्रशासन के लोग पहल कर रहे हैं, जिससे शहर के लोग त्रस्त हैं. जाम होने पर घंटों लोगों को सड़क पर रेंगना पड़ता है. खास कर जब स्कूल छुट्टी होती है या साप्ताहिक बाजार लगता है. शहर नेशनल हाइवे के किनारे बसा है. इस रूट से प्रत्येक दिन एक हजार से अधिक मालवाहक गाड़ियां गुजरती है. इसके अलावा 200 बस व हजारों छोटी गाड़ियां हैं. शहर की सड़क भी संकीर्ण है, जिससे एक गाड़ी के फंसने पर जाम लग जाता है. जाम के कारण शहर का व्यवसाय सबसे ज्यादा प्रभावित होता है.
