गुमला के 38 चर्चो में मनाया गया क्रिसमस, बिशप ने कहा- जिंदगी मिली है, तो समाज के लिए अच्छे कार्य करें

जगरनाथ, गुमला गुमला धर्मप्रांत में मंगलवार को क्रिसमस का पर्व हर्षोल्लास से मना. इस अवसर पर गुमला धर्मप्रांत के सभी 38 पल्लियों में प्रात:कालीन मिस्सा पूजा हुई. गुमला के संत पात्रिक महागिरजा में विशेष मिस्सा पूजा हुई. जहां गुमला धर्मप्रांत के बिशप पौल अलविस लकड़ा ने कहा है कि क्रिसमस मानव बनने की सार्थकता का […]

जगरनाथ, गुमला

गुमला धर्मप्रांत में मंगलवार को क्रिसमस का पर्व हर्षोल्लास से मना. इस अवसर पर गुमला धर्मप्रांत के सभी 38 पल्लियों में प्रात:कालीन मिस्सा पूजा हुई. गुमला के संत पात्रिक महागिरजा में विशेष मिस्सा पूजा हुई. जहां गुमला धर्मप्रांत के बिशप पौल अलविस लकड़ा ने कहा है कि क्रिसमस मानव बनने की सार्थकता का पर्व है. हम बेहतर इंसान बने. एक दूसरे की मदद करें. समाज के बारे में सोचें. जिंदगी मिली है, तो अच्छे कार्यो के लिए जीएं.

उन्‍होंने कहा कि ईसा मसीह मानव बनकर अवतार लिये थे. मानव बनना गौरव की बात है. सृष्टि में सर्वोच्च जीव मानव है. वास्तव में मानव ईश्वर का ही प्रतिरूप है. अत: हर मानव चाहे कितना ही गरीब और अशिक्षित हो. उसका सम्मान होना चाहिए. ईसा मसीह का इस दुनिया में आना प्यार का प्रतीक है. इसलिए हम हिंसा से दूर रहें और एक दूसरे के बीच प्यार बांटें. हम अपने हृदय को चरणी बनायें. क्योंकि ईश्वर की भाषा प्यार की भाषा है.

उन्होंने कहा कि ईश्वर की सच्ची पूजा मानव सेवा में है. ईश्वर को खोजना है, तो हम उसे मानव में खोजे. वहीं ईश्वर मिलेंगे. मानव सेवा ही ईश्वर सेवा है. क्रिसमस दीनता एवं नम्रता का पर्व है.

क्रिसमस ईश्वरीय प्यार के रहस्य का पर्व है : फादर जेरोम

सुबह की मिस्सा के मुख्य अधिष्ठता संत पात्रिक महागिरजा के पल्ली पुरोहित फादर जेरोम एक्का, गुमला धर्मप्रांत के विकर जेनरल फादर सीप्रियन कुल्लू व बिशप के सचिव फादर मुनसन बिलुंग ने मिस्सा पूजा कराया. साथ ही चरनी में आशीष प्रदान किया. मिस्सा पूजा के बाद ख्रीस्तीय विश्वासियों बालक यीशु का चुंबन किया और परम प्रसाद ग्रहण किया.

मौके पर फादर जेरोम एक्का ने कहा कि क्रिसमस पर्व ईश्वरीय प्यार के रहस्य का पर्व है. मनुष्यों के प्रति ईश्वर का प्यार अथाह सागर के सामान है. जिसे इस दुनिया के सोना, चांदी, धन, दौलत सहित किसी भी चीज से नापा नहीं जा सकता है और न ही खरीदा जा सकता है. फादर जेरोम ने कहा कि क्रिसमस पर्व को प्रेम, खुशी, शांति और आशा की महाघटना कही जा सकती है. प्रभु यीशु सत्य के साथ जीवन जीने की शिक्षा देते हैं. हम मानव जातियों के बीच यीशु महाराज का जन्म हमें अंधकार से प्रकाश की ओर ले जाने के लिए हुआ.

बुराई का त्याग कर अच्छाई को अपनाये : फादर सीप्रियन

विकर जेनरल फादर सीप्रियन कुल्लू ने कहा कि क्रिसमस पर्व को शांति एवं भाईचारा के साथ मनायें. यह पर्व हम सबों को शांति और आपसी भाईचारा का संदेश देता है. अंधकार से ज्योति की ओर चले और बुराई का त्याग कर अच्छाई को अपनाये. फादर सीप्रियन ने कहा कि ईश्वर को मनुष्यों से अथाह प्रेम है. इस बात का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि परमपिता परमेश्वर ने अपने सबसे प्रिय पुत्र प्रभु यीशु को मनुष्य बनाकर इस धरती में भेजा.

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