गुमला : गरीब बच्चों को पढ़ायेगी पुलिस, प्रतियोगिता परीक्षा की करायेगी तैयारी

दुर्जय पासवान, गुमला गुमला पुलिस गरीब बच्चों को पढ़ायेगी. ताकि बच्चे अपनी इच्छा के अनुसार प्रतियोगिता परीक्षा में भाग ले सके. जिससे उनका आईएएस, आईपीएस, बीडीओ, सीओ, शिक्षक, डॉक्टर, इंजीनियर बनने का सपना पूरा हो सके. गुमला पुलिस गरीब बच्चों को हर तरह की प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करायेगी. इसके लिए चंदाली स्थित पुलिस लाइन […]

दुर्जय पासवान, गुमला

गुमला पुलिस गरीब बच्चों को पढ़ायेगी. ताकि बच्चे अपनी इच्छा के अनुसार प्रतियोगिता परीक्षा में भाग ले सके. जिससे उनका आईएएस, आईपीएस, बीडीओ, सीओ, शिक्षक, डॉक्टर, इंजीनियर बनने का सपना पूरा हो सके. गुमला पुलिस गरीब बच्चों को हर तरह की प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करायेगी.

इसके लिए चंदाली स्थित पुलिस लाइन में बच्चों के लिए विशेष कक्षा आयोजित होगी. हालांकि गुमला पुलिस ने पहले चरण में सहायक पुलिस के लिए कक्षा शुरू कर दी है. जिसमें सहायक पुलिस के जवानों को प्रतियोगिता परीक्षा की तैयारी करायी जा रही है. खुद गुमला एसपी अंशुमान कुमार भी बच्चों को पढ़ाने में जुटे हुए हैं.

एसपी की अनुपस्थिति में सार्जेंट मेजर प्रणव कुमार व रीडर कंचन शेखर बच्चों को पढ़ायेंगे. गुमला एसपी अंशुमान कुमार ने यह पहल पढ़े लिखे युवक युवतियों को मुख्यधारा से जोड़कर रखने के लिए शुरू की है. ताकि युवक युवती गरीबी के कारण यह नहीं कह सके कि हम पढ़ नहीं सकते. इसलिए पुलिस विभाग ने इन गरीब बच्चों को पढ़ाने का बीड़ा उठाया है.

यहां बता दें कि गुमला पुलिस लगातार युवाओं को मुख्यधारा से जोड़ने के लिए नये प्रयोग करते रही है. इसी प्रयोग में अब सहायक पुलिस व गरीब बच्चों को पढ़ाने की है. इससे पहले भी गुमला पुलिस ने बिशुनपुर प्रखंड के घोर नक्सल प्रभावित गांव के करीब 300 बच्चों को नक्सल इलाका से निकालकर स्कूलों में दाखिला करायी थी.

ये बच्चे अभी भी घाघरा व बिशुनपुर प्रखंड के स्कूलों में पढ़ लिखकर अपना भविष्य बनाने में लगे हुए हैं. क्योंकि बिशुनपुर के कई इलाके से माओवादी गांव के बच्चों को अपने साथ ले जा रहे थे. इसलिए गुमला पुलिस ने उन बच्चों को सुरक्षा देने व नयी जिंदगी देने के लिए शिक्षा से जोड़ा है. एसपी अंशुमान कुमार ने कहा है कि हर इंसान को अच्छा करने का अधिकार है. अगर वे पढ़ना चाहते हैं. पढ़ाई के बूते अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं. तो गुमला पुलिस उन लोगों की मदद करेगा.

उन्‍होंन�� कहा कि इसके लिए चंदाली पुलिस लाइन में गरीब बच्चों व सहायक पुलिस के लिए विशेष कक्षा शुरू की गयी है. बच्चों व सहायक पुलिस के हुनर के अनुसार उन्हें पढ़ाया जायेगा. यहां तक कि शॉट हैंड भी सिखाया जायेगा. जेपीएससी व यूपीएससी जैसी परीक्षाओं की तैयारी करायी जायेगी. जरूरत है, जो बच्चे पढ़ने आयेंगे. वे मन लगाकर पढ़े. जीवन में तरक्की के लिए जरूरी है. आप अपने मन की बात सुनते हुए अच्छा काम करें.

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