गुमला : फिल्मकार श्रीराम डालटन विश्व में बढ़ते पर्यावरण असंतुलन को लेकर चिंतित हैं. उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए महाराष्ट्र से पदयात्रा शुरू की है. मूल रूप से पलामू निवासी डालटन महाराष्ट्र से पदयात्रा करते हुए छत्तीसगढ़ के रास्ते गुमला में प्रवेश किये. गुमला में रात्रि विश्राम के बाद बुधवार को वे रांची के लिए […]
By Prabhat Khabar Digital Desk | Updated at :
गुमला : फिल्मकार श्रीराम डालटन विश्व में बढ़ते पर्यावरण असंतुलन को लेकर चिंतित हैं. उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए महाराष्ट्र से पदयात्रा शुरू की है. मूल रूप से पलामू निवासी डालटन महाराष्ट्र से पदयात्रा करते हुए छत्तीसगढ़ के रास्ते गुमला में प्रवेश किये. गुमला में रात्रि विश्राम के बाद बुधवार को वे रांची के लिए रवाना हो गये,
जहां वे पदयात्रा का समापन करेंगे. गुमला पहुंचने पर डालटन ने कहा कि अभी तक कई नदियों की स्थिति देखी है. महाराष्ट्र से लेकर झारखंड तक नदियां सूखी हुई हैं. सिर्फ बरसात के दिनों में पानी नजर आता है. लेकिन बरसात खत्म होते ही नदियां सूख जाती हैं. झारखंड में काफी हद तक पेड़ पौधे हैं. लेकिन जल संरक्षण न के बराबर है. जल, जंगल व जमीन पर बढ़ते एकाधिकार एवं उससे पर्यावरण के खतरे को रेखांकित करने के बाद अब इस समस्या के प्रति जन-जागरुकता जरूरी है. डालटन के साथ पदयात्रा में महाराष्ट्र के परीक्षित तामुली, वाराणसी के पंकज मिश्र, विक्की राजपूत और झारखंड के शशिकांत हैं. गुमला में लघु फिल्म निर्माता विनोद कुमार ने स्वागत किया.
फिल्म स्प्रिंग थंडर का ट्रेलर दिखाया : डालटन ने बताया कि वे मूल रूप से पलामू के हैं. जिसे देश का तीसरा सबसे गर्म स्थान माना जाता है. बीएचयू से फाइन आर्ट्स में डिग्री लेने के बाद अपना रुख फिल्मनगरी मुंबई की ओर किया. फिल्म निर्माण के साथ पर्यावरण संरक्षण के लिए पदयात्रा पर निकले हैं
वे इस पदयात्रा को अपनी फिल्म स्प्रिंग थंडर का प्रमोशन के रूप में भी देखते हैं. गुमला में उन्होंने फिल्म का ट्रेलर दिखाया. कहा कि 15 मई को मुंबई से पदयात्रा शुरू किये हैं और नौ सितंबर को रांची के मोरहाबादी मैदान में समापन होगा.
यदि पर्यावरण के बढ़ते खतरे और पश्चिम के विकास की भयावहता से वर्तमान पीढ़ी को जागरूक नहीं किया जायेगा, तब आनेवाली पीढ़ी को यह भी पता नहीं चलेगा कि पानी प्रकृति की नि:शुल्क देन है. आने वाली पीढ़ी यही समझेगी कि पानी बोतल में ही मिलता है.