जन्म व मृत्यु प्रमाण-पत्र संधारण रजिस्टर 17 दिनों से गायब.
नप अध्यक्ष ने गायब दस्तावेज ढूंढने के लिए दो दिन की मोहलत दी.
रजिस्टर नहीं मिलने पर संबंधित लोगों पर एफआइआर करायेंगे.
गुमला : गुमला जिले के सदर अस्पताल से सरकारी दस्तावेज (जन्म व मृत्यु संधारण का रजिस्टर) पिछले 17 दिनों से गायब है. यह मामला तब उजागर हुआ, जब नगर परिषद गुमला के अध्यक्ष दीपनारायण उरांव, जिला युवा कांग्रेस कमेटी के जिलाध्यक्ष राजनील तिग्गा व कमेटी के गुमला विस अध्यक्ष दीपक कुमार मृत्यु प्रमाण-पत्र के एक मामले को लेकर मंगलवार को सदर अस्पताल पहुंचे थे. सदर प्रखंड के डेवीडीह पतराटोली निवासी प्रदीप उरांव लकड़ा ने शिकायत की थी कि पिछले डेढ़ माह से उसे मृत्यु प्रमाण-पत्र के लिए अस्पताल का चक्कर लगवाया जा रहा है. सदर अस्पताल पहुंचने पर अध्यक्षों ने सदर अस्पताल के डीएस (उपाधीक्षक) डॉक्टर आरएन यादव से मुलाकात की और मृत्यु प्रमाण-पत्र बना कर संबंधित आवेदनकर्ता को निर्गत करने में हो रही देरी की जानकारी मांगी.
नप अध्यक्ष दीपनारायण उरांव ने कहा कि कई लोगों की शिकायत मिल रही है कि उन्हें समय पर अस्पताल से मृत्यु प्रमाण-पत्र बना कर नहीं दिया जा रहा है. इस पर डीएस ने अस्पताल के जन्म व मृत्यु प्रमाण-पत्र प्रभारी राजू सिंह को तलब करते हुए मामले की जानकारी मांगी. डीएस द्वारा जानकारी मांगे जाने के बाद जन्म व मृत्यु प्रमाण-पत्र के संधारण रजिस्टर की खोज शुरू हुई. पता चला कि रजिस्टर गायब है. इस पर डीएस ने आधे घंटे की मोहलत मांगी और कहा कि रजिस्टर ढूंढा जा रहा है.
वहीं आधे घंटे तक अध्यक्षों के इंतजार करने के बाद भी रजिस्टर नहीं मिला. इस पर नप अध्यक्ष ने कहा कि अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही का खमियाजा आमजनों को भुगतना पड़ रहा है. अध्यक्ष ने रजिस्टर ढूंढने के लिए मंगलवार और बुधवार का समय देते हुए रजिस्टर नहीं मिलने की स्थिति में जन्म व मृत्यु प्रमाण-पत्र प्रभारी राजू सिंह पर एफआइआर दर्ज कराने की बात कही. डीएस ने भी सहमति जताते हुए कहा कि रजिस्टर नहीं मिलने पर संबंधित दोषी पर एफआइआर करेंगे.
क्या है मामला : सदर प्रखंड के डेवीडीह पतराटोली निवासी प्रदीप उरांव लकड़ा ने अपने पुत्र संदीप लकड़ा का मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए सदर अस्पताल में आवेदन दिया था. संदीप की मौत गत 26 फरवरी 2018 को सड़क हादसे में हुई है. बेटे को गंवाने के बाद पिता प्रदीप ने मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए सदर अस्पताल में आवेदन दिया था. प्रदीप मृत्यु प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए सदर अस्पताल में दो बार आवेदन दे चुका है. पहला आवेदन सदर अस्पताल से ही गुम हो गया.
इसके बाद दूसरा एक और आवेदन गत 28 अप्रैल को दिया. इसके बाद से प्रदीप मृत्यु प्रमाण-पत्र के लिए लगातार सदर अस्पताल का चक्कर लगा रहा है. वहीं मृत्यु प्रमाण-पत्र नहीं मिलने पर प्रदीप ने अपनी समस्या नप अध्यक्ष दीपनारायण उरांव के समक्ष रखी. समस्या के आलोक में जब अध्यक्ष अस्पताल पहुंचे, तो पता चला कि अब अस्पताल से जन्म व मृत्यु संधारण का रजिस्टर ही गायब है.
