डीसी के आदेश के बाद भी हो रहा है बालू का अवैध कारोबार, एक ट्रक बालू में अधिकारियों का कमीशन 1000 रुपये!

गुमला: अवैध बालू से माफिया व अधिकारी मोटी रकम कमा रहे हैं. बालू माफिया एक ट्रक व डंपर बालू में अधिकारियों को 1000 रुपये कमीशन देते हैं. इस 1000 रुपये में कई हिस्सा बंटता है. खनन विभाग का भी इसमें हिस्सा है. अगर देखा जाये, तो एक अधिकारी को एक ट्रक बालू में 100 रुपये […]

गुमला: अवैध बालू से माफिया व अधिकारी मोटी रकम कमा रहे हैं. बालू माफिया एक ट्रक व डंपर बालू में अधिकारियों को 1000 रुपये कमीशन देते हैं. इस 1000 रुपये में कई हिस्सा बंटता है. खनन विभाग का भी इसमें हिस्सा है. अगर देखा जाये, तो एक अधिकारी को एक ट्रक बालू में 100 रुपये भी कमीशन मिलता है, तो प्रत्येक दिन 100 से अधिक ट्रक बालू सिसई से रांची जा रहा है.

इस हिसाब से 10 हजार रुपये कमीशन मिल रहा है. यही वजह है कि सिसई से अवैध बालू रांची में ले जाकर बेचा जा रहा है, लेकिन इसपर कोई रोक नहीं लग रही है, क्योंकि बालू माफियाओं से मिल कर अधिकारी खुद अपनी झोली भरने में लगे हुए हैं. उन्हें सरकार के नियम की कोई चिंता नहीं है.

सिसई प्रखंड के बालू घाटों से बालू उठाव पर रोक है. खास कर पुल के नीचे से एकदम ही बालू नहीं उठाना है. इसके बावजूद बालू माफिया अधिकारियों से गंठजोड़ कर बालू बेचने में लगे हैं. जिस तेजी से सिसई प्रखंड के कोयल, पारस व कंस नदी से बालू का अवैध रूप से उठाव हाे रहा है, अगर इसी तेजी से बालू उठता रहा, तो आने वाले समय में बालू को खत्म होने से कोई नहीं रोक सकता है. वहीं पुलों के नीचे से बालू के उठाव से पुल भी धंस जायेंगे. ज्ञात हो कि डीसी श्रवण साय ने बालू के उठाव पर रोक लगायी है. सरकार का भी आदेश है. बालू का उठाव नहीं करना है, लेकिन गुमला में अधिकारियों से मिल कर बालू माफिया किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं.

इधर, डीसी ने इस मामले की जांच का आदेश देते हुए बालू माफियाओं के खिलाफ कार्रवाई के लिए कहा है, लेकिन खनन विभाग सरकार व डीसी के आदेश को नहीं मान रहा है. कार्रवाई करने की बजाय विभाग चुप है. जांच के नाम पर सिर्फ गाड़ी में घूम रहे हैं, जबकि सिसई प्रखंड की नदियों के किनारों सैकड़ों ट्रक बालू डंप कर रखा गया है, जिसपर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. वहीं रात के अंधेरे में सिसई से रांची बालू ले जाया जा रहा है. ठीक थाना के सामने से गाड़ी गुजर रही है. इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. इधर, गुमला के कई ट्रैक्टर चालकों ने कहा कि हम घर बनाने के लिए बालू उठा कर लाते हैं, तो हमें पकड़ लिया जाता है. 20 से 25 हजार रुपये वसूला जाता है. लेकिन यहां सिसई प्रखंड से प्रत्येक दिन सैकड़ों ट्रक बालू अवैध रूप से रांची जा रहा है. उसपर पुलिस व प्रशासन कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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