नाना ने तीनों बहनों को सीडब्ल्यूसी के पास प्रस्तुत कर आश्रय देने की लगायी गुहार
गुमला : भरनो प्रखंड के जाैली गांव की तीन अनाथ बहनों को सीडब्ल्यूसी आश्रय देगी. पढ़ाई के अलावा रहने व खाने-पीने की व्यवस्था करेगी.
नाना चिमटू मुंडा की गुहार व आवेदन पर सीडब्ल्यूसी ने तीनों बहनों को अपने संरक्षण में ले लिया है. अभी तीनों बहनों को बालगृह में रखा गया है, जहां तीनों बहनें पढ़ेंगी, जबतक ये 18 साल की नहीं हो जाती.
सीडब्ल्यूसी तीनों बहनों को संरक्षण देगी. ज्ञात हो कि इन तीनों बच्चों की मां बैगो देवी की आठ साल पहले बीमारी से मृत्यु हो गयी. इसके बाद तीन साल पहले पिता भदवा मुंडा की भी बीमारी से मौत हो गयी. माता व पिता की मौत के बाद बड़ा भाई 15 वर्षीय सुनील मुंडा घर से भाग गया.
सुनील कहां गया, अभी तक उसका पता नहीं चला है. इधर, माता-पिता की मौत व भाई के घर से भागने के बाद तीनों मासूम बहनें अनाथ व बेसहारा हो गयी. हालांकि नाना चिमटू मुंडा तीनों बहनों की परवरिश कर रहे थे, लेकिन गरीबी के कारण चिमटू भी इन्हें पालने में असमर्थ हो गये. इसके बाद उन्होंने बहनों को सीडब्ल्यूसी के समक्ष प्रस्तुत किया. बहनों ने कहा कि वे पढ़ना चाहती हैं.
वहीं नाना ने कहा कि मैं तो किसी प्रकार जी लूंगा, लेकिन मेरी इच्छा है कि मेरे बच्चे पढ़ लिख कर कुछ अच्छा काम करें. अगर इन्हें आश्रय नहीं मिलेगा, तो ये लोग भटक जायेंगे.
नाना ने कहा कि उसका बड़ा नाती सुनील कहीं भाग गया है. उसके पास पैसे भी नहीं है. शक है कि कहीं वह मानव तस्करी का शिकार न हो जाये. सीडब्ल्यूसी पहुंचने पर तीनों बच्चियों से चेयरमैन शंभु सिंह, सदस्य धनंजय मिश्र व कृपा खेस ने बात की. शंभु ने कहा कि बच्चियों को संरक्षण देते हुए पढ़ाई की व्यवस्था की जायेगी.
