घाघरा(गुमला): मापी पुस्तिका (एमबी बुक) में हस्ताक्षर नहीं करने पर मंगलवार की शाम मनरेगा के जूनियर इंजीनियर राहुल कुमार की उपप्रमुख कृष्णा लोहरा ने पिटाई कर दी. कृष्णा लोहरा बिशुनपुर युवा कांग्रेस के अध्यक्ष भी हैं. इंजीनियर की पिटाई के विरोध में मनेरगा कर्मी व प्रखंड के कर्मचारियों ने बुधवार को कामकाज ठप कर धरना दिया. सभी उपप्रमुख के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे. वहीं इंजीनियर ने उपप्रमुख के खिलाफ घाघरा थाना में लिखित शिकायत की है.
हस्ताक्षर करने से किया इनकार, तो पीटा : मंगलवार को जब प्रखंड कार्यालय में बैठक समाप्त हुई, तो जलका रोड में बनी नाली के लंबित भुगतान को लेकर जेइ राहुल कुमार से उपप्रमुख कृष्णा लोहरा मिले. कृष्णा ने एमबी बुक में उन्हें हस्ताक्षर करने को कहा. जेइ राहुल ने जब इनकार कर दिया, तो कृष्णा लोहरा ने उनकी पिटाई कर दी. मंगलवार को देर शाम होने के कारण किसी को घटना की जानकारी नहीं हुई. बुधवार को जब कर्मचारियों की कानों तक बात पहुंची तो सभी एकजुट हुए और काम ठप करा कर धरना पर बैठ गये. कर्मचारियों का कहना है कि सभी घटना बीडीओ के आंखों के सामने हुई. कर्मचारियों का आरोप है कि बीडीओ उपप्रमुख का साथ दे रहे हैं.
धरना में बैठे कर्मचारी : उपप्रमुख के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर धरना में उमेश सारंगी, राजेश कुमार, जितेंद्र मिश्र, शहीद अनवर, निर्मल उरांव, जगन्नाथ उरांव, मनोज सिन्हा, संदीप टेट, विनोद सिंह, संतोष कुमार, विकास गुप्ता, विवेक कुमार, संतोष उरांव, खुदी राम उरांव, मारवाड़ी महतो, सोमनाथ साहू, राहुल कुमार सुग्रीव, सत्येंद्र कुमार सहित दर्जनों लोग बैठे थे.
नाली निर्माण का जितना कागजात था. सभी कागजात एसीबी ने जब्त कर लिया है. मेरे ऊपर जबरन एमबी बुक में हस्ताक्षर करने का दबाव बनाया जा रहा है. मैंने इंकार किया तो मेरे साथ मारपीट की गयी.
राहुल कुमार, जेइ, मनरेगा घाघरा
जेइ ने 3000 रुपये लिया है : कृष्णा
गुमला. घाघरा प्रखंड के उपप्रमुख कृष्णा लोहरा ने मारपीट के आरोप को बेबुनियाद बताया है. उन्होंने बताया कि जलका में नाली बनी है. इसकी मापी पुस्तिका (एमबी) बनानी है. इसके एवज में जूनियर इंजीनियर ने तीन हजार रुपये की मांग की थी. लाभुक ने डेढ़ माह पहले ही उन्हें रुपये दे दिये, लेकिन उन्होंने मापी पुस्तिका नहीं बनायी. लाभुक ने इसकी शिकायत उपप्रमुख से की, तो उप्रमुख ने इंजीनियर से इस संबंध में बातचीत की. इसके बाद इंजीनियर ने कुछ लोगों से कह कर उपप्रमुख को धमकी दिलवायी और कहा कि मामले से दूर रहो. इसी मुद्दे को लेकर मंगलवार को उन्होंने (उपप्रमुख ने) इंजीनियर से बातचीत की. सिर्फ बहस हुई थी. इंजीनियर ने ही धक्का मुक्की की, लेकिन उलटे उसने मुझे फंसा दिया.
