बालू माफियाओं से मिले हुए हैं अधिकारी
गुमला: सिसई प्रखंड की नदियों से अवैध तरीके से बालू का उठाव हो रहा है. बालू को रांची ले जाकर ऊंचे दाम में बेचा जा रहा है. बालू के इस खेल में सिसई व रांची के कई बड़े बालू माफिया शामिल हैं. बालू माफिया से प्रखंड के कई अधिकारी मिले हुए हैं, इसलिए प्रत्येक दिन […]
गुमला: सिसई प्रखंड की नदियों से अवैध तरीके से बालू का उठाव हो रहा है. बालू को रांची ले जाकर ऊंचे दाम में बेचा जा रहा है. बालू के इस खेल में सिसई व रांची के कई बड़े बालू माफिया शामिल हैं. बालू माफिया से प्रखंड के कई अधिकारी मिले हुए हैं, इसलिए प्रत्येक दिन कई ट्रक व डंपर बालू रांची पहुंच जा रहा है. लेकिन अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं और महीनें में लाखों रुपये कमा रहे हैं. सिसई व भरनो प्रखंड रांची से सटा हुआ है.
इन दोनों प्रखंडों में 19 ऐसे बालू घाट हैं, जहां से अच्छा खासा बालू निकलता है. बालू माफिया अपनी पॉकेट भरने के लिए इन बालू घाटों से बालू उठा कर रांची ले जा रहे हैं और ऊंचे दामों में बेच रहे हैं. कभी चार-पांच सौ रुपये में मिलने वाला बालू अभी 20 से 25 हजार रुपये ट्रक व डंपर रांची में बिक रहा है. इससे बालू माफिया व प्रखंड के अधिकारी मिल कर मोटी रकम कमा रहे हैं.
ऐसे प्रखंड प्रशासन का आरोप है कि अवैध बालू के उठाव पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस सहयोग नहीं करती है. जबकि पुलिस का आरोप है कि कभी प्रशासनिक अधिकारियों ने सहयोग नहीं मांगा है. अब मामला जब फंसने लगा है, तो प्रशासन व पुलिस एक-दूसरे पर आरोप मढ़ रहे हैं. हालांकि अभी भी सिसई की नदियों से अवैध रूप से बालू का उठाव हो रहा है और ऊंचे दामों में उसे बेचा जा रहा है.