गुमला: मंगल दिवस पर मंगलवार को डीसी श्रवण साय ने अधिकारी व कर्मचारियों की उपस्थिति की जांच की. जांच में डीसी ने पाया कि कई विभाग के वरीय अधिकारी, क्लर्क, लिपिक व अन्य वर्ग के कर्मचारी ड्यूटी से गायब हैं. डीसी ने श्रम विभाग, जिला शिक्षा अधीक्षक व कोषागार सहित विभिन्न विभागों में न सिर्फ औचक निरीक्षण किया, बल्कि आधा दर्जन से अधिक पदाधिकारियों व कर्मचारियों से स्पष्टीकरण भी मांगा है.
उपायुक्त के औचक निरीक्षण के दौरान कई पदाधिकारी व कर्मचारी हाजिरी बनाने के बाद अपने कार्यालय से गायब पाये गये. वैसे पदाधिकारियों व कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगते हुए एक दिन का वेतन अवरुद्ध करने का निर्देश दिया. मंगलवार को दिन के 10.40 बजे उपायुक्त सर्वप्रथम श्रम विभाग कार्यालय पहुंचे, जहां तीन कंप्यूटर ऑपरेटर, चालक व अनुसेवक उपस्थित थे, जबकि श्रम अधीक्षक कार्यालय में उपस्थित नहीं थे. पूछने पर बताया गया कि श्रम अधीक्षक बैठक में गये हुए हैं.
जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में उपायुक्त के औचक निरीक्षण में डीएसइ अनुपस्थित पाये गये और पूछने पर बताया गया कि बैठक में गये हैं. जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय में ही कार्यरत किरण कुजूर तीन अक्तूबर से आवेदन देकर कार्यालय से गायब हैं और उनका आवेदन अभी तक स्वीकृत भी नहीं हुआ है. जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय के गुलाब लुगून बिना सूचना के गायब पाये गये, जबकि लिपिक गोपाल मिस्त्री व राजेश कुमार हाजिरी बना कर कार्यालय में उपस्थित नहीं थे. कोषागार कार्यालय के औचक निरीक्षण के दौरान लिपिक फुलजेंस कुजूर व अमरेंद्र कुमार भी हाजिरी बना कर कार्यालय में अनुपस्थित थे. उपायुक्त ने बिना सूचना के गायब पदाधिकारियों व कर्मचारियों के साथ-साथ हाजिरी बना कर कार्यालय से फरार होने वाले कर्मियों को भी स्पष्टीकरण व वेतन रोकने का आदेश दिया है.
