गुमला: भाजपा एसटी मोर्चा की पूर्व अध्यक्ष सह जिला बीस सूत्री सदस्य शंकुतला उरांव से घूस मांगने के मामले की जांच गुमला के एसडीओ केके राजहंस करेंगे. शंकुतला की शिकायत के बाद डीसी श्रवण साय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच का आदेश दिया है. डीसी ने एसडीओ को जांच अधिकारी बनाते हुए तीन दिन के अंदर जांच रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है.
शंकुतला से नगर परिषद के सीटी मैनेजर महफुजुर रहमान ने प्रधानमंत्री आवास योजना की स्वीकृति दिलाने के नाम पर 20 हजार रुपये घूस मांगा है. घूस नहीं देने पर आवास की स्वीकृति नहीं मिली और तीन महीने से शंकुतला चक्कर काट रही है. शंकुतला ने शुक्रवार को बीस सूत्री सदस्यों के साथ हुई बैठक में घूस की शिकायत डीसी से की थी. इसके बाद डीसी ने जांच का आदेश दिया है.
गुमला में घूस का खुला खेल चल रहा है
गुमला शहर में पीएम आवास में घूस लेने का खुला खेल चल रहा है. नगर परिषद द्वारा प्रत्येक आवास में लाभुकों से 20 हजार रुपये की घूस मांगी जा रही है. जो घूस दे रहे हैं, उनका आवास स्वीकृत हो रहा है और नहीं देने वालों का मामला लटक रहा है. ऐसे में कई गरीबों का घर नहीं बन पा रहा है.
20 हजार में कई लोगों का कमीशन है
शंकुतला उरांव ने कहा कि मेरे से जो 20 हजार रुपये मांगा गया है, उसमें नगर परिषद के कई लोगों का कमीशन है. उन्होंने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच नहीं हुई, तो मैं मामले को सीएम तक ले जाऊंगी.
