गुमला: गुमला महिला थाना में महिला उत्पीड़न परामर्श केंद्र का आयोजन कर पांच मामलों का आपसी सहमति से सुलह कराया गया, जबकि तीन मामलों में एक पक्ष के अनुपस्थित होने पर उसे अगली तिथि दी गयी. पहले मामले में बड़ाइक मुहल्ला निवासी सिमरन कुमारी गुप्ता ने अपने पति अनिल कुमार, देवर सुनील कुमार, ननदोइ विजय कुमार, बिंदु देवी, ननद गायत्री देवी, विमला, बेटा चिंटू व बंटू के खिलाफ शारीरिक व मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था. जिसमें दात्रियों ने दोनों पक्षों की बात सुन कर आपसी सहमति से सुलह कराया.
दूसरे मामले में सिसई के मंगलो गांव निवासी बिगना उराइन ने अपने पति पुनई उरांव व करू उराइन पर मारपीट करने का आरोप लगाया था. दात्रियों ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद आपसी सहमति से सुलह कराया. तीसरे मामले में सिरीबिरी कोनबीर नवाटोली निवासी बिमला देवी ने अपने पति सतन कुमार साहू पर खाना खुराक नहीं देने का आरोप लगाया था, जिसे आपसी सहमति से दात्रियों ने सुलह कराया. चौथे मामले में खतरी खटंगा बेड़ो निवासी सरस्वती कुमारी ने अपने जीजा कमलेश गोप व बहन सीता देवी के विरुद्ध शादी नहीं करने देने व मारपीट का आरोप लगाया था. दात्रियों ने दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद जीजा व बहन से लिखित आवेदन लेकर उसकी शादी में किसी प्रकार की रूकावट नहीं करने का बांड लिखा कर सुलह कराया.
पांचवें मामले में टोटो निवासी फरजाना खातून ने अपने पति मोका कुरैशी सहित परिवार के 10 लोगों पर मारपीट व घर से भगाने का आरोप लगाया था, जिसका निर्णय दोनों पक्षों द्वारा अंजुमन इस्लामिया में सुलह कराने के बाद दात्रियों ने सुलह कराया. मौके पर आरगेन कच्छप, महिला थानेदार सरस्वती देवी, एएसआइ शोभा रानी सिन्हा, अशोक कुमार तिवारी, मेलानी हेमरोम, नूरजहां खातून, सरिता देवी, अनिता कुमारी, सरिता कुमारी व सीमा कुमारी सहित वादी मौजूद थे.
