महिलाओं ने उच्च शिक्षा को बताया सशक्तिकरण की कुंजी, सरकार से ठोस पहल की मांग

महिलाओं की उच्च शिक्षा पर जोर दे सरकार विषय पर महिलाओं ने रखे विचार

ठाकुरगंगटी प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत माल मंडरो के पंचायत भवन में प्रभात खबर की ओर से मंगलवार को महिला संवाद का आयोजन किया गया. जेएसपीएलएस के महिला एसएचजी से जुड़ी महिलाओं के बीच आयोजित संवाद की अध्यक्षता सुनैना कुमारी ने की. इस दौरान महिलाओं की उच्च शिक्षा पर जोर दे सरकार विषय पर महिलाओं ने अपनी बातें रखी. उपस्थित महिलाओं ने अपने विचार व्यक्त करते हुए अपनी आवाज को बुलंद करते हुए कहा कि सरकार अगर महिलाओं को उच्च शिक्षा देती है, तो उन्हें आगे बढ़ने से कोई भी नहीं रोक सकता है. महिलाओं को आगे लाने का प्रयास सरकार की ओर से किया जाना चाहिए. कार्यक्रम का संचालन प्रतिनिधि पवन कुमार सिंह ने किया.

किसने क्या कहा

महिलाओं को उच्च शिक्षा देकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। यदि महिला शिक्षित होगी, तो वह न केवल स्वयं सशक्त बनेगी, बल्कि अपने बच्चों को भी शिक्षा के प्रति प्रेरित करेगी. क्योंकि एक मां ही होती है जो बच्चों की पढ़ाई और भविष्य को लेकर सबसे अधिक चिंतित रहती है.

-सुनैना देवी

महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर और सुरक्षित बनाने के लिए उन्हें बेहतर व उच्च शिक्षा देना अत्यंत आवश्यक है. ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी अधिकांश लड़कियों को स्कूल के बाद उच्च शिक्षा प्राप्त करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है. इस स्थिति में बदलाव लाने के लिए ठोस प्रयास जरूरी है.

-ब्यूटी देवी

अक्सर महिलाओं को अपनी अधूरी पढ़ाई का जीवनभर अफसोस रहता है. यदि स्कूली शिक्षा के बाद उन्हें आगे पढ़ने का अवसर नहीं मिलता, तो वे स्वयं को सीमित महसूस करती हैं. इसलिए आवश्यक है कि महिलाओं के लिए शिक्षा के बेहतर अवसर और सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं, ताकि वे सशक्त बन सकें.

-रिकु देवी

विकास की जड़ शिक्षा है. आज महिला शिक्षा की चर्चा तो होती है, लेकिन उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिले, इस दिशा में ठोस पहल नहीं हो पा रही है. समाज को चाहिए कि वह महिलाओं को न केवल शिक्षा में, बल्कि हर क्षेत्र में बेहतर अवसर और सम्मानजनक स्थान देने के लिए गंभीर प्रयास करे.

-सुषमा देवी

महिलाओं को समाज में आगे बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा है. उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव तभी संभव है, जब सरकार उनकी शिक्षा को प्राथमिकता दे. जब तक सरकार ठोस पहल नहीं करती, तब तक महिलाओं को समान अवसर और आत्मनिर्भरता दिलाना कठिन रहेगा.

-सविया देवी

महिलाओं को शिक्षित करने की बात सरकार की ओर से अक्सर की जाती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उन्हें आज भी उतनी शिक्षा नहीं मिल पाती, जितनी आवश्यक है. शिक्षा की कमी के कारण महिलाएं स्वयं को असहाय और पीछे छूटा हुआ महसूस करती हैं. यह स्थिति बदलने के लिए ठोस प्रयास जरूरी है.

-माया देवीB

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Author: SANJEET KUMAR

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