केंद्र सरकार की ओर से लोकसभा एवं राज्यसभा में वक्फ संशोधन बिल के स्वीकृत किये जाने को लेकर राज्य अल्पसंख्यक आयोग के सदस्य हाजी एकरारूल हसन आलम ने कड़ा रुख अख्तियार कर अपनी बातों को रखा है. श्री आलम ने कहा कि यह संविधान के खिलाफ है. इसमें संशोधन करने की जरूरत क्यों है. मैं इस बिल का विरोध करता हूं. वक़्फ संपत्ति मुसलमान के रीढ की हड्डी है. अल्पसंख्यकों के अधिकार को छीनने के बराबर की है. कहा कि केंद्र सरकार वक़्फ संशोधन बिल वापस ले. बिल से मुसलमानों को नुकसान पहुंचेगा एवं धार्मिक आजादी कमजोर होगी. श्री हाजी ने अपनी बातों को रखते हुए कहा कि यदि सरकार की नीयत साफ है, तो इसमें बहुत सारे बिंदु हैं, जिसे हटाना होगा. बहुमत का मतलब यह नहीं है कि कोई भी कानून नागरिकों पर थोप दिया जाये. केंद्र सरकार मुसलमानों की भलाई चाह कर अगर बिल लाती, तो विरोध नहीं होता. मगर केंद्र सरकार की मंशा गलत रहने की वजह से लगातार इसका विरोध किया जा रहा है. भारत का कानून हर नागरिक को अपने धर्म पर अमल करने का अधिकार देता है. चुनी हुई सरकार की जिम्मेदारी है कि सभी के अधिकार की हिफाजत करें.
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