प्रतिनिधि, बसंतराय: प्रखंड क्षेत्र अंतर्गत कैथपुरा पंचायत के पचुआकित्ता गांव से होकर गुजरने वाला सिंचाई डांढ़ लंबे समय से गंदगी और कचरे से भरा पड़ा है. वर्षों से सफाई नहीं होने के कारण डांढ़ का करीब डेढ़ किलोमीटर हिस्सा कचरे के ढेर में तब्दील हो गया है. इससे दुर्गंध फैल रही है और आसपास के ग्रामीणों के साथ मस्जिद में नमाज पढ़ने आने वाले लोगों को भी परेशानी हो रही है.
ग्रामीणों ने श्रमदान कर शुरू की सफाई
समस्या को देखते हुए ग्रामीणों ने शनिवार को श्रमदान कर डांढ़ की सफाई शुरू की. कचरा हटाने के लिए जेसीबी की मदद ली गयी, लेकिन डांढ़ के कई हिस्से संकरे होने के कारण मशीन वहां नहीं पहुंच पाई. इस कारण पूरी सफाई नहीं हो सकी.
इसके बावजूद ग्रामीणों ने अपने स्तर से कचरा हटाकर गंदगी कम करने का प्रयास किया. ग्रामीणों का कहना है कि संकरे हिस्सों की सफाई मजदूर लगाकर ही पूरी की जा सकती है.
पांच किलोमीटर लंबा है सिंचाई डांढ़
ग्रामीणों ने बताया कि गेरुआ नदी से निकला यह सिंचाई डांढ़ करीब पांच किलोमीटर लंबा है. यह क्षेत्र के धान उत्पादक किसानों के लिए काफी महत्वपूर्ण है. सनौर से पचुआकित्ता के बीच डांढ़ का बड़ा हिस्सा गंदगी से भरा रहने के कारण पानी का बहाव प्रभावित हो रहा है.
इससे किसानों के खेतों तक सिंचाई का पानी पहुंचने में परेशानी होती है.
डीसी से विशेष पहल की मांग
ग्रामीणों ने डांढ़ की पूरी सफाई को लेकर डीसी से विशेष पहल करने की मांग की है. गोड्डा विधायक सह श्रम, नियोजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मंत्री संजय प्रसाद यादव से भी मामले में पहल कर स्थायी समाधान कराने की अपील की गयी है.
मौके पर ग्रामीण जमील अख्तर, सज्जाद आलम, अशफाक आलम, जलील अख्तर समेत अन्य ग्रामीण मौजूद रहे.
