बोआरीजोर प्रखंड क्षेत्र की मेघी पंचायत अंतर्गत कुटनी गांव आज भी पक्की सड़क सुविधा से वंचित है. सड़क नहीं होने के कारण ग्रामीणों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. यह एक सुदूर पहाड़िया गांव है, जहां लगभग 200 की आबादी निवास करती है. ग्रामीणों के अनुसार मंगरा मिशन टोला से कुटनी गांव तक करीब चार किलोमीटर लंबी कच्ची सड़क है. सड़क पर कंकरीले पत्थर बिछे होने के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. बरसात के दिनों में यह रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो जाता है, जिससे लोगों की परेशानी और बढ़ जाती है. ग्रामीण मैसा पहाड़िया, चांदी पहाड़ीन, सूरजा पहाड़िया, रमेश मालतो, सुरेंद्र पहाड़िया और महेश्वर मालतो ने बताया कि देश को आजाद हुए 78 वर्ष से अधिक समय बीत चुका है, लेकिन गांव तक आज भी पक्की सड़क नहीं पहुंच सकी है. सड़क नहीं होने के कारण गांव तक कोई वाहन नहीं पहुंच पाता है. ग्रामीणों ने बताया कि यदि गांव में कोई व्यक्ति बीमार पड़ जाता है, तो उसे खाट पर लादकर मुख्य सड़क तक ले जाना पड़ता है. इसके बाद ही मरीज को अस्पताल पहुंचाया जा सकता है. ऐसी स्थिति में गंभीर मरीजों के लिए समय पर उपचार मिलना भी चुनौती बन जाता है.
बारिश में कीचड़ से भर जाता है रास्ता, मरीजों को खाट पर ले जाकर पहुंचाना पड़ता है अस्पताल
पक्की सड़क के अभाव में कुटनी गांव के ग्रामीण परेशान
