गोड्डा. जिले में आंधी-तूफान, मूसलाधार बारिश व वज्रपात ने तबाही मचा दी है. प्राकृतिक आपदा के कारण जनजीवन प्रभावित हो गया है. शुक्रवार की शाम कई जगहों पर मवेशियों की मौत, घरों को नुकसान तथा पेड़ गिरने से यातायात बाधित होने की घटनाएं सामने आयी है. मिली जानकारी के अनुसार, सदर प्रखंड के अमरपुर स्थित कदवा टोला में आंधी-पानी के दौरान हुए वज्रपात की चपेट में आने से दो मवेशियों की दर्दनाक मौत हो गयी. मवेशी मालिक लखेंद्र माल पहाड़िया को घटना से आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा. गनीमत रही कि घटना के समय वहां कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ी मानवीय त्रासदी टल गयी. तूफान की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि क्षेत्र में दर्जनों पुराने पेड़ जड़ से उखड़कर गिर गये. कई स्थानों पर पेड़ मुख्य सड़कों पर गिरने से घंटों आवागमन बाधित रहा. बिजली के खंभों पर पेड़ गिरने के कारण कई गांवों की बिजली आपूर्ति भी ठप हो गयी. बिजली विभाग की टीमें आपूर्ति बहाल करने में जुटी रहीं. सरौनी बाजार कई घरों के छप्पर उड़े, सामान बर्बाद सदर प्रखंड के सरौनी बाजार क्षेत्र में आंधी की रफ्तार इतनी तेज थी कि कई घरों की छतें और एस्बेस्टस उड़ गये. घरों की छत उड़ने से लोगों का गृहस्थी का सामान भींगकर बर्बाद हो गया. वहीं कई गांवों में सड़क किनारे पेड़ गिरने से यातायात बाधित रहा. बाद में ग्रामीणों ने पेड़ों को काटकर हटाया, तब जाकर आवागमन सामान्य हो सका. स्थानीय लोगों के अनुसार, अचानक आई तेज हवाओं के कारण अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लोग अपनी जान बचाने के लिए सुरक्षित स्थानों की ओर भागते नजर आये. प्रभावित क्षेत्रों में दहशत का माहौल है. प्रभावित परिवारों ने अंचल प्रशासन से नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की है, ताकि वे अपने क्षतिग्रस्त घरों को दोबारा बना सकें और मवेशियों की क्षति की भरपाई हो सके. क्या कहते हैं सीओ आंधी-पानी के बीच कदवा टोला में मवेशियों की मौत और सरौनी बाजार में हुए नुकसान की जांच के लिए राजस्व कर्मचारी को निर्देश दे दिए गए हैं. पीड़ित परिवारों को आपदा प्रबंधन के नियमों के अनुसार हरसंभव सरकारी सहायता और मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गयी है. – हलधर सेठी, सीओ, गोड्डा सदर
वज्रपात से दो मवेशियों की मौत, आंधी में कई पेड़ गिरे
आंधी-बारिश के बाद जनजीवन प्रभावित, कई क्षेत्रों में बाधित रही बिजली
