गोड्डा रेलवे स्टेशन की बाउंड्रीवॉल तेज बारिश में गिरी

पांच साल पहले बनी दीवार भरभराकर गिरी, पाइलिंग के बिना निर्माण पर उठे सवाल

मानसून की सक्रियता के बीच गोड्डा में हो रही लगातार तेज बारिश ने रेलवे प्रशासन की लापरवाही की पोल खोल दी है. बुधवार सुबह गोड्डा रेलवे स्टेशन की लगभग 100 फीट लंबी बाउंड्रीवॉल ढह गयी. दीवार गिरने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गयी. स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि दीवार के निर्माण के दौरान पाइलिंग का कार्य नहीं किया गया था. केवल सतही स्तर पर दीवार खड़ी कर दी गयी थी, जिससे भारी बारिश के पानी के दबाव को वह सहन नहीं कर सकी और ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गयी. जिस ओर दीवार गिरी है, उस ओर धान की खेती होती है. वहां अक्सर पानी जमा रहता है. ग्रामीणों ने पूर्व में ही आशंका जतायी थी कि बिना मजबूत नींव के दीवार लंबे समय तक नहीं टिक पाएगी, लेकिन उस चेतावनी को नजरअंदाज कर निर्माण कार्य करवा दिया गया. बाउंड्रीवॉल के गिरने से यह स्पष्ट हो गया है कि निर्माण कार्य में ठेकेदार द्वारा गंभीर लापरवाही बरती गयी थी. रेलवे प्रशासन द्वारा बिना गुणवत्ता जांच के ऐसे निर्माण को पास कर देना भी एक बड़ा सवाल खड़ा करता है.

रेलवे अधिकारियों ने किया स्थल निरीक्षण

घटना की सूचना मिलते ही रेलवे के अधिकारी एवं कर्मचारी मौके पर पहुंचे और दीवार गिरने के कारणों की प्रारंभिक जांच की. स्टेशन मास्टर ज्योतिन सोरेन ने बताया कि दीवार ढहने की जानकारी वरीय अधिकारियों को भेज दी गयी है. शीघ्र ही इसकी मरम्मत और जांच की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.

लगातार बारिश से चार मकान गिरे, परिवार बचे-खुचे हिस्से में गुजार रहे हैं दिन

मेहरमा प्रखंड क्षेत्र में बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही तेज बारिश ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी है. बारिश की मार झेलते हुए क्षेत्र के चार कच्चे मकान धराशायी हो गये, जिससे गरीब परिवारों का आशियाना उजड़ गया है. घर गिरने की वजह से लोग जान जोखिम में डालकर बचे-खुचे हिस्से में रहने को मजबूर हैं. मालप्रतापपुर पंचायत के जागीर प्रतापपुर गांव में मो. कलीम उद्दीन, मो. जुम्मन और मो. अफरोज के मकान का बाहरी हिस्सा गिर गया है. वहीं इटहरी पंचायत के गोपाल राम और धमड़ी गांव के ढेना बास्की का पूरा घर तेज बारिश में ढह गया. मो. कलीमउद्दीन ने बताया कि मंगलवार की रात वह अपने परिवार के साथ सो रहे थे, तभी अचानक घर की बाहरी दीवार गिर गयी. इसी प्रकार ढेना बास्की के घर की दीवारें भी रात के समय गिर गयी. संयोगवश कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई, लेकिन भय का माहौल बना हुआ है. सभी प्रभावित परिवार अब गिरे हुए मकान के शेष बचे हिस्से में रह रहे हैं. लगातार हो रही बारिश और गिर चुके घरों की स्थिति को देखते हुए उनका जीवन कठिन हो गया है. मामले की जानकारी मिलते ही बीडीओ अभिनव कुमार ने बताया कि पीड़ितों की स्थिति की जांच के निर्देश दे दिये गये हैं. जांच रिपोर्ट आने के बाद प्रभावितों को सरकारी प्रावधानों के अनुसार मुआवजा प्रदान किया जाएगा.

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Author: SANJEET KUMAR

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