पथरगामा प्रखंड के मानव सेवा केंद्र आश्रम रजौन परिसर में श्रीमद् भागवत कथा साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ का आयोजन किया गया, जिससे परिसर में भक्तिमय माहौल बन गया. श्रद्धालु भक्तजन कथा का श्रवण कर भाव विभोर हो रहे हैं. वृंदावन से पधारे संत शिरोमणि दिनेश शरण जी महाराज ने अपने प्रवचन में श्रीमद् भागवत की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डाला. उन्होंने कहा कि भागवत कथा ज्ञान, भक्ति और वैराग्य का सार है और यह कलयुग में मोक्ष का सर्वोच्च साधन मानी जाती है. भागवत कथा श्रवण करने से भगवान विष्णु, कृष्ण की लीलाओं के माध्यम से मन की शुद्धि और पापों का नाश, आध्यात्मिक शांति और जीवन में धर्म व कर्म का मार्गदर्शन, हृदय में प्रेम, श्रद्धा और भगवान के प्रति भक्ति का जागरण, स्वच्छ विचार और अंतरात्मा से कथा श्रवण करने पर कष्टों का निवारण होता है. संत शिरोमणि ने कहा कि भक्ति ही एक मात्र मार्ग है, जिसपर चलकर प्रभु की कृपा प्राप्त की जा सकती है. भक्ति के बिना मुक्ति की कल्पना असंभव है. उन्होंने श्रद्धालुओं से कहा कि कथा का श्रवण कर इसे अपने जीवन में आत्मसात करें और दूसरों को भी भक्ति के मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित करें. इस अवसर पर मानव सेवा केंद्र आश्रम रजौन के संरक्षक परमानंद ठाकुर, अध्यक्ष संतोष राउत, उपाध्यक्ष वासुदेव मांझी, सदस्य अरुण मांझी, मनोज मांझी, विक्की मंडल, मंटू मंडल समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु व ग्रामीण उपस्थित रहे.
साप्ताहिक ज्ञान यज्ञ से भक्तिमय माहौल, भाव विभोर हुए श्रद्धालु
पथरगामा के मानव सेवा केंद्र आश्रम में श्रीमद् भागवत कथा शुरू
